नयी दिल्ली, 28 सितंबर (भाषा) एयर इंडिया के नामित मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) टेवोल्डे गेब्रेमरियम ने सोमवार को एयरलाइन के वित्तीय प्रदर्शन में सुधार की जरूरत पर जोर देते हुए कहा कि लागत कम करने के लिए उपयोगी सुझाव देने वाले कर्मचारियों को पुरस्कृत करने की योजनाएं शुरू की जाएंगी।
गेब्रेमरियम ने कहा कि टिकाऊ लाभप्रदता हासिल करना प्रमुख लक्ष्य बना हुआ है और लागत पर नियंत्रण को एयरलाइन की कार्य संस्कृति का हिस्सा बनाना होगा।
उन्होंने कर्मचारियों के साथ एक बैठक में कहा, ‘‘लागत प्रबंधन केवल नेतृत्व या वित्त विभाग की जिम्मेदारी नहीं है। हर कर्मचारी बचत में योगदान दे सकता है और हमारे जैसे बड़े संगठन में ऐसी बचत मिलकर महत्वपूर्ण हो जाती है।’’
टाटा समूह के स्वामित्व वाली घाटे में चल रही एयरलाइन के सीईओ एवं प्रबंध निदेशक नियुक्त किए गए गेब्रेमरियम आवश्यक सुरक्षा मंजूरी मिलने के बाद कार्यभार संभालेंगे।
हाल के सप्ताहों में कर्मचारियों के साथ दूसरी बातचीत में गेब्रेमरियम ने कहा कि एयरलाइन ऐसी योजनाएं शुरू करने की तैयारी कर रही है, जिनके तहत लागत में बचत और परिचालन दक्षता बढ़ाने वाले सुझाव देने वाले कर्मचारियों को पुरस्कृत किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि बाहरी कारकों ने एयर इंडिया के लाभ-हानि संतुलन की स्थिति तक पहुंचने के प्रयास को प्रभावित किया है, लेकिन एयरलाइन वित्तीय प्रदर्शन पर ध्यान कम नहीं कर सकती।
उन्होंने कहा, ‘‘हमें राजस्व और लागत, दोनों के प्रदर्शन में सुधार करना होगा। राजस्व बढ़ाने की पहल पर पहले से चर्चा हो रही है, जिसमें हमारे अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क, वाणिज्यिक गतिविधियों और माल ढुलाई कारोबार में अवसर शामिल हैं।’’
गेब्रेमरियम ने यह भी कहा कि ऐसे कारोबार में विस्तार महत्वपूर्ण है जिसमें बड़े पूंजी निवेश, ऊंची स्थिर लागत और कड़ी प्रतिस्पर्धा होती है।
भाषा योगेश अजय
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