क्रेडिट कार्ड से लेनदेन चार साल में 2.6 गुना बढ़ा : आरबीआई रिपोर्ट
क्रेडिट कार्ड से लेनदेन चार साल में 2.6 गुना बढ़ा : आरबीआई रिपोर्ट
मुंबई, 18 मई (भाषा) देश में कैलेंडर वर्ष 2021 से 2025 के बीच क्रेडिट कार्ड लेनदेन में 2.6 गुना से अधिक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने सोमवार को यह जानकारी दी।
आरबीआई के अनुसार, इस अवधि के दौरान निजी क्षेत्र के बैंकों ने अपनी बाजार हिस्सेदारी बढ़ाते हुए इस खंड में अपना दबदबा और मजबूत किया है।
आरबीआई की ‘भुगतान प्रणाली रिपोर्ट, दिसंबर 2025’ के अनुसार, कैलेंडर वर्ष 2021 में क्रेडिट कार्ड लेनदेन की संख्या 216 करोड़ थी, जो वर्ष 2025 में बढ़कर 570 करोड़ हो गई। इसी अवधि के दौरान लेनदेन का मूल्य भी 8.9 लाख करोड़ रुपये से बढ़कर 23.2 लाख करोड़ रुपये पर पहुंच गया, जो करीब 27 प्रतिशत की सालाना वृद्धि को दर्शाता है।
इसके विपरीत, डेबिट कार्ड लेनदेन में गिरावट दर्ज की गई। वर्ष 2021 में डेबिट कार्ड लेनदेन की संख्या 408.7 करोड़ थी, जो 2025 में घटकर 133.6 करोड़ रह गई। इस दौरान लेनदेन का मूल्य भी 7.4 लाख करोड़ रुपये से घटकर 4.5 लाख करोड़ रुपये पर आ गया।
आरबीआई ने इस गिरावट का कारण यूपीआई, डिजिटल वॉलेट और क्रेडिट कार्ड के बढ़ते उपयोग को बताया है, हालांकि डेबिट कार्ड अब भी सबसे अधिक उपयोग किए जाने वाले कार्ड बने हुए हैं।
रिपोर्ट के अनुसार, निजी क्षेत्र के बैंकों ने क्रेडिट कार्ड बाजार में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाकर दिसंबर, 2025 तक 71.1 प्रतिशत कर ली, जो दिसंबर, 2021 में 67.7 प्रतिशत थी। सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों की हिस्सेदारी मामूली बढ़कर 23.9 प्रतिशत हो गई, जबकि विदेशी बैंकों की हिस्सेदारी घटकर 3.8 प्रतिशत रह गई।
रिपोर्ट के मुताबिक, लघु वित्त बैंकों ने दिसंबर, 2025 तक 14 लाख क्रेडिट कार्ड जारी किए।
आरबीआई ने यह भी बताया कि देश में डिजिटल भुगतान प्रणाली तेजी से विस्तार कर रही है। 2016 से 2025 के बीच डिजिटल लेनदेन की संख्या 33 गुना बढ़ी, जबकि मूल्य लगभग तीन गुना हो गया। पिछले पांच वर्षों में ही डिजिटल भुगतान चार गुना से अधिक बढ़े हैं।
रिपोर्ट में कहा गया कि डिजिटल भुगतान के बढ़ते उपयोग के कारण डेबिट कार्ड का इस्तेमाल लगातार घट रहा है, जबकि यूपीआई, डिजिटल वॉलेट और क्रेडिट कार्ड का उपयोग बढ़ा है।
भाषा
योगेश अजय
अजय

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