छोटी राशि के कर्ज देने वाले संस्थानों के लिए ऋण गारंटी योजना अगस्त तक बढ़ाई गई

छोटी राशि के कर्ज देने वाले संस्थानों के लिए ऋण गारंटी योजना अगस्त तक बढ़ाई गई

छोटी राशि के कर्ज देने वाले संस्थानों के लिए ऋण गारंटी योजना अगस्त तक बढ़ाई गई
Modified Date: June 10, 2026 / 06:21 pm IST
Published Date: June 10, 2026 6:21 pm IST

नयी दिल्ली, 10 जून (भाषा) सरकार ने सूक्ष्म-वित्त संस्थानों (एमएफआई) के लिए ऋण गारंटी योजना ‘सीजीएसएमएफआई-2.0’ की अवधि बढ़ाने और अधिकतम ऋण सीमा को 1,000 करोड़ रुपये तक करने को मंजूरी दी है।

वित्त मंत्रालय ने बुधवार को जारी बयान में कहा कि इस योजना के तहत अब तक 770 करोड़ रुपये के ऋण स्वीकृत किए जा चुके हैं।

यह योजना 20 मार्च, 2026 को शुरू की गई थी जिसका उद्देश्य बैंकों और वित्तीय संस्थानों को एमएफआई और गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (एनबीएफसी-एमएफआई) को दिए गए ऋण पर संभावित नुकसान के खिलाफ गारंटी कवर प्रदान करना है।

यह गारंटी ‘राष्ट्रीय ऋण गारंटी ट्रस्टी कंपनी लिमिटेड’ (एनसीजीटीसी) के माध्यम से दी जाती है। यह योजना 30 जून, 2026 तक या 20,000 करोड़ रुपये तक के ऋण पर गारंटी जारी होने तक, जो भी पहले हो, वैध थी।

मंत्रालय ने कहा कि अब योजना की वैधता 31 अगस्त, 2026 तक या 20,000 करोड़ रुपये तक के ऋण पर गारंटी जारी नहीं होने तक बढ़ा दी गई है।

इसके अलावा, बड़े आकार के एनबीएफसी-एमएफआई/एमएफआई के लिए अधिकतम ऋण सीमा 300 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 1,000 करोड़ रुपये कर दी गई है, जो प्रबंधन-अधीन परिसंपत्ति (एयूएम) की 20 प्रतिशत सीमा के भीतर होगी।

सरकार ने कहा कि योजना की अवधि बढ़ाने और ऋण सीमा में वृद्धि से इसका बेहतर उपयोग संभव होगा और सूक्ष्म-वित्त क्षेत्र में कर्ज के प्रवाह को बढ़ावा मिलेगा।

भाषा प्रेम

प्रेम रमण

रमण


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