अमेरिका-ईरान युद्धविराम से कच्चे तेल का वायदा भाव छह प्रतिशत टूटकर निचले सर्किट में पहुंचा

अमेरिका-ईरान युद्धविराम से कच्चे तेल का वायदा भाव छह प्रतिशत टूटकर निचले सर्किट में पहुंचा

अमेरिका-ईरान युद्धविराम से कच्चे तेल का वायदा भाव छह प्रतिशत टूटकर निचले सर्किट में पहुंचा
Modified Date: April 8, 2026 / 09:47 am IST
Published Date: April 8, 2026 9:47 am IST

नयी दिल्ली, आठ अप्रैल (भाषा) अमेरिका और ईरान के बीच दो सप्ताह के युद्धविराम की घोषणा के बाद वैश्विक बाजारों में कमजोरी के बीच बुधवार को कच्चे तेल के वायदा भाव में तेज गिरावट आई और यह छह प्रतिशत लुढ़ककर निचले सर्किट स्तर पर आ गया।

मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) पर अप्रैल में आपूर्ति वाले कच्चे तेल के अनुबंध का वायदा भाव 640 रुपये या छह प्रतिशत टूटकर 10,029 रुपये प्रति बैरल पर आ गया जो इसका निचला सर्किट स्तर है।

इसी तरह मई में आपूर्ति वाला अनुबंध भी 565 रुपये या छह प्रतिशत फिसलकर 8,860 रुपये प्रति बैरल के निचले सर्किट स्तर पर पहुंच गया। तनाव कम होने से आपूर्ति बाधित होने की आशंकाएं घटने के बीच बाजार में तेज बिकवाली देखी गई।

वैश्विक बाजारों में भी अमेरिका और ईरान के बीच युद्धविराम की घोषणा के बाद तेल कीमतों में गिरावट आई। इससे होर्मुज जलडमरूमध्य से आपूर्ति सामान्य होने की उम्मीद बढ़ी है। यह मार्ग वैश्विक तेल आपूर्ति के करीब पांचवें हिस्से के परिवहन के लिए महत्वपूर्ण है।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में मई में आपूर्ति वाला वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (डब्ल्यूटीआई) कच्चा तेल 17.11 डॉलर या 15.15 प्रतिशत फिसलकर 95.84 डॉलर प्रति बैरल रह गया। वहीं जून में आपूर्ति वाले ब्रेंट क्रूड के अनुबंध का भाव 14.52 डॉलर या 13.29 प्रतिशत कम होकर 94.75 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया।

विश्लेषकों के अनुसार, पश्चिम एशिया में तनाव कम होने के बाद भू-राजनीतिक जोखिम घटने से कच्चे तेल की कीमतों में नरमी आई।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि अमेरिका और ईरान के बीच दो सप्ताह के युद्धविराम पर सहमति बनने के बाद वह ईरान के खिलाफ प्रस्तावित सैन्य कार्रवाई को स्थगित करेंगे। इस समझौते में होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलना भी शामिल है।

इस बीच, ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अरागची ने संकेत दिया कि इस अवधि के दौरान होर्मुज जलडमरूमध्य से आवागमन की अनुमति दी जाएगी जिससे आपूर्ति बाधित होने की चिंताएं कम हो गई हैं।

भाषा निहारिका अजय

अजय


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