डीबी कॉर्प के चौथी तिमाही का शुद्ध लाभ 19 प्रतिशत बढ़कर 62.20 करोड़ रुपये पर

डीबी कॉर्प के चौथी तिमाही का शुद्ध लाभ 19 प्रतिशत बढ़कर 62.20 करोड़ रुपये पर

डीबी कॉर्प के चौथी तिमाही का शुद्ध लाभ 19 प्रतिशत बढ़कर 62.20 करोड़ रुपये पर
Modified Date: May 11, 2026 / 07:49 pm IST
Published Date: May 11, 2026 7:49 pm IST

नयी दिल्ली, 11 मई (भाषा) मीडिया कंपनी डीबी कॉर्प लिमिटेड का वित्त वर्ष 2025-26 की मार्च तिमाही में का एकीकृत शुद्ध मुनाफा सालाना आधार पर 18.83 प्रतिशत बढ़कर 62.20 करोड़ रुपये रहा है।

डीबी कॉर्प ने एक नियामकीय सूचना में यह जानकारी दी। कंपनी ने एक साल पहले जनवरी-मार्च तिमाही में 52.33 करोड़ रुपये का शुद्ध मुनाफा कमाया था।

समीक्षाधीन तिमाही में कंपनी का परिचालन राजस्व 5.24 प्रतिशत बढ़कर 576.39 करोड़ रुपये हो गया। पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि में यह 547.65 करोड़ रुपये था।

डीबी कॉर्प ने कहा, ‘‘वित्त वर्ष 2025-26 की चौथी तिमाही में वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव के बीच अनिश्चितताओं के बावजूद, हमारे प्रिंट कारोबार ने समग्र विज्ञापनदाता भावना में सुधार के कारण मजबूत गति बनाए रखी।’’

इसमें कहा गया है कि शिक्षा, रियल एस्टेट, स्वास्थ्य सेवा, वाहन और सरकार जैसे प्रमुख क्षेत्रों में विज्ञापन की मांग मजबूत बनी हुई है।

समीक्षाधीन तिमाही में डीबी कॉर्प का कुल खर्च 504.36 करोड़ रुपये रहा, जो सालाना आधार पर 1.68 प्रतिशत अधिक है।

मार्च तिमाही में ‘‘मुद्रण, प्रकाशन और संबद्ध व्यवसाय’’ से इसका राजस्व 6.1 प्रतिशत बढ़कर 541.48 करोड़ रुपये हो गया।

हालांकि, रेडियो कारोबार से राजस्व सात प्रतिशत घटकर 35 करोड़ रुपये रह गया।

मार्च तिमाही में डीबी कॉर्प की कुल आय, जिसमें अन्य आय भी शामिल है, चार प्रतिशत बढ़कर 589.56 करोड़ रुपये हो गई।

पूरे वित्त वर्ष 2025-26 में डीबी कॉर्प का मुनाफ़ा 10.5 प्रतिशत घटकर 332 करोड़ रुपये रह गया। कुल एकीकृत आय मामूली रूप से बढ़कर 2,440.80 करोड़ रुपये रही।

कंपनी के प्रबंध निदेशक सुधीर अग्रवाल ने कहा कि वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी का प्रदर्शन मजबूत और निरंतर प्रगति को दर्शाता है जो मुख्य व्यवसायों में स्वस्थ निष्पादन से प्रेरित है।

डीबी कॉर्प सबसे बड़ी प्रिंट मीडिया कंपनियों में से एक है और दैनिक भास्कर, दिव्य भास्कर, दिव्य मराठी और सौराष्ट्र समाचार का प्रकाशन करती है। इसके पास 94.3 माई एफएम रेडियो स्टेशन का भी स्वामित्व है।

भाषा राजेश राजेश अजय

अजय


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