डीप टेक स्टार्टअप, वेंचर कैपिटल ने कर प्रोत्साहन, नियामक स्पष्टता की मांग की

डीप टेक स्टार्टअप, वेंचर कैपिटल ने कर प्रोत्साहन, नियामक स्पष्टता की मांग की

डीप टेक स्टार्टअप, वेंचर कैपिटल ने कर प्रोत्साहन, नियामक स्पष्टता की मांग की
Modified Date: October 31, 2025 / 10:34 pm IST
Published Date: October 31, 2025 10:34 pm IST

नयी दिल्ली, 31 अक्टूबर (भाषा) कई डीप टेक और सेमीकंडक्टर स्टार्टअप, वेंचर कैपिटल फर्मों ने बृहस्पतिवार को वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल के साथ बातचीत की।

एक आधिकारिक बयान में शुक्रवार को कहा गया कि इस दौरान कर प्रोत्साहन और विस्तारित स्टार्टअप इंडिया लाभों सहित नवाचार पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करने के उपायों पर चर्चा हुई।

गोयल ने कहा कि सरकार भारत के डीपटेक पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करने, व्यापार करने में आसानी बढ़ाने, अनुपालन बोझ को कम करने और नवाचार तथा उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है।

इस दौरान 35 से अधिक डीपटेक और सेमीकंडक्टर स्टार्टअप और 30 से अधिक अग्रणी वेंचर कैपिटल फर्मों ने बेंगलुरु में एक गोलमेज सम्मेलन में मंत्री के साथ बातचीत की।

वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय ने कहा, ”बातचीत के दौरान डीपटेक उद्यमों के लिए स्टार्टअप इंडिया मान्यता लाभों को मौजूदा 10 साल की सीमा से आगे बढ़ाने, अनुदान लेखांकन और अनुसंधान एवं विकास निधि के लिए एफसीआरए (विदेशी अंशदान विनियमन अधिनियम) से संबंधित नियमों में स्पष्टता लाने और नवाचार में निजी निवेश को प्रोत्साहित करने के लिए लक्षित कर प्रोत्साहन देने पर चर्चा हुई।”

प्रतिभागियों ने प्रारंभिक चरण के डीपटेक स्टार्टअप को अनुसंधान एवं विकास से जुड़े लाभों तक पहुंच देने के लिए निधि नियमों में लचीलापन लाने और डीएसआईआर (वैज्ञानिक एवं औद्योगिक अनुसंधान विभाग) पंजीकरण मानदंडों में सुधार की जरूरत पर भी जोर दिया।

भाषा पाण्डेय

पाण्डेय


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