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नयी दिल्ली, 24 मार्च (भाषा) दिल्ली सरकार के मंगलवार को पेश वित्त वर्ष 2026-27 के बजट में बिजली विभाग के लिए 3,942 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। इसमें बिजली सब्सिडी के लिए 3,500 करोड़ रुपये और हवा में झूलती बिजली की तारों को भूमिगत करने (जमीन के नीचे बिछाने) के लिए 200 करोड़ रुपये का प्रावधान शामिल है।
बजट में ऊर्जा की बचत एवं संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए ‘दिल्ली ऊर्जा संरक्षण कोष’ बनाने का भी प्रस्ताव दिया गया है।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने अपने बजट भाषण में कहा, ‘‘ बिजली विभाग के लिए आवंटित 3,942 करोड़ रुपये से न केवल बिजली सब्सिडी जारी रहेगी, बल्कि हम ‘पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना’ और सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने वाली प्रोत्साहन योजनाओं के जरिये दिल्ली को ऊर्जा के मामले में आत्मनिर्भर बनाएंगे।’’
सरकार ने उच्च वोल्टेज (हाई-टेंशन) और कम वोल्टेज (लो-टेंशन) वाली बिजली की तारों को भूमिगत करने के लिए बजट को दोगुना कर दिया है। वित्त वर्ष 2025-26 में इसके लिए 100 करोड़ रुपये रखे गए थे जिसे 2026-27 के बजट में बढ़ाकर 200 करोड़ रुपये कर दिया गया है। पिछले साल बिजली विभाग का कुल बजट 3,847 करोड़ रुपये था।
मुख्यमंत्री ने बताया कि चांदनी चौक इलाके की 28 सड़कों पर बिजली की तारों को भूमिगत करने का काम शुरू हो चुका है जिस पर करीब 160 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है।
भाषा सुमित निहारिका
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