ऋण सहकारी समीतियों से दिल्ली सरकार ने मांगा तीन साल का वित्तीय विवरण

ऋण सहकारी समीतियों से दिल्ली सरकार ने मांगा तीन साल का वित्तीय विवरण

ऋण सहकारी समीतियों से दिल्ली सरकार ने मांगा तीन साल का वित्तीय विवरण
Modified Date: July 2, 2026 / 07:39 pm IST
Published Date: July 2, 2026 7:39 pm IST

नयी दिल्ली, दो जुलाई (भाषा) दिल्ली सरकार ने राष्ट्रीय राजधानी में कार्यरत बचत एवं ऋण सहकारी समितियों पर उनकी वित्तीय क्षमता से अधिक जमा राशि जुटाने से रोक लगा दी है और उनसे पिछले तीन वर्षों के वित्तीय लेनदेन का विवरण मांगा है। अधिकारियों ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी।

सरकार ने इन संस्थाओं के अध्यक्षों और सचिवों को यह प्रमाणपत्र भी देने का निर्देश दिया है कि उनके पास जमाकर्ताओं के प्रति देनदारियों को पूरा करने के लिए पर्याप्त वित्तीय संसाधन तथा देनदारी क्षमता मौजूद है।

यह कदम हाल में प्राप्त वित्तीय अनियमितताओं से जुड़ी शिकायतों के बाद उठाया गया है।

राष्ट्रीय राजधानी में करीब 550 बचत एवं ऋण (थ्रिफ्ट एंड क्रेडिट) सहकारी समीतियां हैं, जो दिल्ली सरकार के सहकारी समिति पंजीयक (आरसीएस) कार्यालय में पंजीकृत हैं। ये सहकारी संस्थाएं अपने सदस्यों को बिना जमानत कम ब्याज दर पर छोटी राशि का कर्ज उपलब्ध कराती हैं।

अधिकारियों के अनुसार, आरसीएस कार्यालय ने पाया है कि कुछ समीतियां अपने सदस्यों से बड़ी मात्रा में जमा और सावधि जमा रिसीट्स (टीडीआर) जुटा रही हैं।

इस मसले पर सहकारी समिति पंजीयक की अध्यक्षता में 22 मई, 2026 को हुई बैठक में भी चर्चा हुई थी। अधिकारियों ने बताया कि कुछ बचत एवं ऋण सहकारी समितियों में वित्तीय अनियमितता की शिकायतों को लेकर पहले भी चिंता जताई जा चुकी है। कहा जा रहा है कि इससे जमाकर्ताओं का हित प्रभावित हो रहा है।

भाषा यासिर अजय

अजय


लेखक के बारे में