दिल्ली में छह करोड़ से अधिक टेलीफोन कनेक्शन, हर निवासी के पास औसतन दो मोबाइल
दिल्ली में छह करोड़ से अधिक टेलीफोन कनेक्शन, हर निवासी के पास औसतन दो मोबाइल
नयी दिल्ली, 15 जनवरी (भाषा) दिल्ली में लैंडलाइन सहित कुल टेलीफोन कनेक्शन छह करोड़ से अधिक हैं। इसका मतलब है कि राजधानी का प्रत्येक निवासी औसतन दो मोबाइल फोन का उपयोग कर रहा है। दिल्ली सरकार द्वारा जारी आंकड़ों में यह तथ्य सामने आया।
दिल्ली सरकार के अर्थशास्त्र एवं सांख्यिकी विभाग के आंकड़ों के अनुसार, साल 2025 में वायरलेस (मोबाइल) टेलीफोन कनेक्शन की संख्या लगभग 5.61 करोड़ रही, जबकि वायरलाइन (लैंडलाइन) सेवाएं 47.1 लाख दर्ज की गईं।
आंकड़ों से पता चलता है कि पिछले आठ वर्षों में दिल्ली में टेलीफोन कनेक्शन की कुल संख्या काफी हद तक स्थिर रही है।
ग्राहकों की कुल संख्या 2018 में 5.74 करोड़ थी, जो 2019 में घटकर 5.53 करोड़ रह गई और फिर 2020 में बढ़कर 5.66 करोड़ हो गई। यह संख्या 2021 में लगभग 5.79 करोड़ तक पहुंच गई, 2022 में गिरकर करीब 5.62 करोड़ रही और 2023 में बढ़कर 5.85 करोड़ हो गई।
आंकड़ो के मुताबिक, 2024 में ग्राहकों की संख्या 6.11 करोड़ के उच्चतम स्तर पर पहुंचने के बाद 2025 में मामूली गिरावट के साथ लगभग 6.08 करोड़ रही।
कुल रुझान स्थिर रहने के विपरीत, दिल्ली सरकार के सांख्यिकीय आंकड़ों के अनुसार, राजधानी में लैंडलाइन टेलीफोन कनेक्शन में निरंतर और तेज वृद्धि दर्ज की गई है।
आंकड़े बताते हैं कि लैंडलाइन ग्राहकों की संख्या 2018 में लगभग 31.9 लाख थी, जो 2019 में 32.6 लाख और 2020 में 32.7 लाख हो गई। इसके बाद इसमें तेजी आई और 2021 में यह संख्या लगभग 33.9 लाख, 2022 में 39.2 लाख से अधिक और 2023 में 40.6 लाख को पार कर गई।
लैंडलाइन ग्राहकों की संख्या में बढ़ोतरी का यह सिलसिला 2024 में भी जारी रहा और यह लगभग 44.3 लाख तक पहुंच गई, जो 2025 में और बढ़कर 47.1 लाख से अधिक हो गई।
इसके उलट, इसी अवधि के दौरान मोबाइल फोन कनेक्शन में उतार-चढ़ाव और धीमी वृद्धि देखी गई। आंकड़ों के अनुसार, मोबाइल फोन ग्राहक 2018 में लगभग 5.42 करोड़ थे, जो 2019 में घटकर करीब 5.21 करोड़ रह गए।
आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2020 में यह संख्या सुधरकर लगभग 5.34 करोड़ हुई और 2021 में बढ़कर करीब 5.45 करोड़ हो गई, लेकिन 2022 में फिर से गिरकर लगभग 5.22 करोड़ रह गई। मोबाइल फोन कनेक्शन 2023 में बढ़कर लगभग 5.44 करोड़ हुए और 2024 में लगभग 5.67 करोड़ के शिखर पर पहुंचे, जिसके बाद 2025 में यह थोड़े गिरकर करीब 5.61 करोड़ पर आ गए।
कुल मिलाकर, दिल्ली में अब भी मोबाइल फोन की हिस्सेदारी सबसे अधिक है, लेकिन लैंडलाइन सेवाओं का निरंतर विस्तार राजधानी के दूरसंचार परिदृश्य में एक महत्वपूर्ण बदलाव को दर्शाता है।
भाषा
सुमित रमण
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