डिजाइन, ‘सिक्स सिग्मा’ गुणवत्ता मानक पूरे नहीं होने पर ईसीएमएस के तहत भुगतान रोकेंगे :वैष्णव

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डिजाइन, ‘सिक्स सिग्मा’ गुणवत्ता मानक पूरे नहीं होने पर ईसीएमएस के तहत भुगतान रोकेंगे :वैष्णव

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  • Publish Date - March 30, 2026 / 03:05 PM IST,
    Updated On - March 30, 2026 / 03:05 PM IST

(तस्वीरों के साथ)

नयी दिल्ली, 30 मार्च (भाषा) केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने सोमवार को कहा कि यदि लाभार्थी उत्पाद डिजाइन प्रौद्योगिकी में निवेश नहीं करते और ‘सिक्स सिग्मा’ मानकों को पूरा नहीं करते हैं तो सरकार इलेक्ट्रॉनिक कलपुर्जा विनिर्माण योजना (ईसीएमएस) के तहत भुगतान रोक सकती है।

ईसीएमएस के तहत 7,104 करोड़ रुपये के नए निवेश से जुड़े 29 प्रस्तावों को मंजूरी देने के बाद मंत्री ने आगाह किया कि जो लाभार्थी उत्पाद डिजाइन प्रौद्योगिकी में निवेश नहीं करेंगे, उन्हें योजना से बाहर किया जा सकता है।

वैष्णव ने कहा, ‘‘ यदि उद्योग की ओर से अपेक्षित प्रयास नहीं किए जाते हैं तो मैं आगे किसी भी भुगतान या नई मंजूरी को रोकने के लिए तैयार हूं।’’

मंत्री ने उच्च गुणवत्ता एवं आत्मनिर्भर इलेक्ट्रॉनिक विनिर्माण को बढ़ावा देने के लिए इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय द्वारा निर्धारित एकीकृत दृष्टिकोण का पालन नहीं करने पर उद्योग संगठन इंडिया सेल्युलर एंड इलेक्ट्रॉनिक्स एसोसिएशन (आईसीईए) और उसकी सदस्य कंपनियों की आलोचना भी की।

उन्होंने कहा, ‘‘ समय के साथ जो कंपनियां डिजाइन में निवेश नहीं करेंगी, उन्हें बाहर कर दिया जाएगा। हम यह सुनिश्चित करेंगे कि उन्हें बाहर किया जाए। मैं यह बहुत स्पष्ट रूप से कह रहा हूं क्योंकि यह हमारे देश के लिए बहुत महत्वपूर्ण है और हम हमेशा ‘राष्ट्र प्रथम’ में विश्वास करते हैं।’’

वैष्णव ने कहा कि देश को इलेक्ट्रॉनिक डिजाइन, कलपुर्जा डिजाइन और मशीन डिजाइन के क्षेत्र में आगे बढ़ने की जरूरत है।

मंत्री ने उद्योग को 15 दिन की समयसीमा दी है, जिसके भीतर कंपनियों को सरकार को यह बताना होगा कि उन्होंने उत्पाद डिजाइन, ‘सिक्स सिग्मा’ मानक, प्रतिभा विकास और स्थानीय आपूर्ति (सोर्सिंग) जैसे प्रमुख मुद्दों पर क्या कदम उठाए हैं।

‘सिक्स सिग्मा’ एक ऐसी कार्यप्रणाली है जिसका उद्देश्य उत्पादन में त्रुटियों को न्यूनतम करना और लगभग पूर्ण गुणवत्ता सुनिश्चित करना है।

वैष्णव ने कहा कि ईसीएमएस के तहत अब तक स्वीकृत सभी 75 आवेदनों को 15 दिन के भीतर अपनी कार्ययोजना साझा करनी होगी।

भाषा निहारिका अजय

अजय

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