मुंबई, 22 जुलाई (भाषा) निजी क्षेत्र के इंडसइंड बैंक का चालू वित्त वर्ष की अप्रैल-जून तिमाही में एकीकृत शुद्ध लाभ 72 प्रतिशत बढ़कर 1,037.05 करोड़ रुपये हो गया। एक साल पहले इसी तिमाही में बैंक ने 604.07 करोड़ रुपये का लाभ कमाया था।
बैंक ने इसके पहले जनवरी-मार्च तिमाही में 594.17 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ अर्जित किया था।
अप्रैल-जून तिमाही में बैंक की शुद्ध ब्याज आय एक प्रतिशत बढ़कर 4,685 करोड़ रुपये हो गई, जबकि कर्ज में दो प्रतिशत की कमी आई और शुद्ध ब्याज मार्जिन घटकर 3.35 प्रतिशत रह गया।
आलोच्य अवधि में बैंक की अन्य आय 17 प्रतिशत घटकर 1,787 करोड़ रुपये पर आ गई।
तिमाही के दौरान प्रावधान और आकस्मिकताओं में 21 प्रतिशत की कमी होकर यह 1,384 करोड़ रुपये रह गई, जिससे मुनाफे में मदद मिली।
बीती तिमाही में सकल गैर-निष्पादित परिसंपत्ति (एनपीए) अनुपात घटकर 3.25 प्रतिशत पर आ गया। नया फंसा कर्ज भी घटकर 1,660 करोड़ रुपये रह गया, जो एक साल पहले 2,567 करोड़ रुपये था।
इंडसइंड बैंक के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) राजीव आनंद ने कहा कि पिछले एक साल में उठाए गए रणनीतिक कदमों से बही-खाता, आय के स्रोत और परिचालन ढांचे में सुधार हुआ है। इस तरह बैंक ने बेहतर कारोबारी गति के साथ वित्त वर्ष 2026-27 में कदम रखा है।
उन्होंने बताया कि आगे मुनाफे में तेजी लाना, जमा आधार को मजबूत करना, लेनदेन बैंकिंग का विस्तार करना और डिजिटल एवं कृत्रिम मेधा (एआई) में निवेश के जरिये ग्राहक अनुभव, उत्पादकता और जोखिम प्रबंधन को बेहतर बनाना प्राथमिकता में रहेगा।
भाषा प्रेम प्रेम अजय
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