डेवलपर हैं एआई के मुख्य निर्माता, भारत इस क्षेत्र में सबसे अहम: ओपन यूके की सीईओ ब्रॉक

डेवलपर हैं एआई के मुख्य निर्माता, भारत इस क्षेत्र में सबसे अहम: ओपन यूके की सीईओ ब्रॉक

डेवलपर हैं एआई के मुख्य निर्माता, भारत इस क्षेत्र में सबसे अहम: ओपन यूके की सीईओ ब्रॉक
Modified Date: February 17, 2026 / 03:38 pm IST
Published Date: February 17, 2026 3:38 pm IST

(शुजा उल हक)

नयी दिल्ली, 16 फरवरी (भाषा) जब आप एआई चैटबॉट खोलते हैं, तस्वीर बनाते हैं या कोई स्मार्ट ऐप इस्तेमाल करते हैं, तो सब कुछ आसान और आकर्षक लगता है। लेकिन इसके पीछे दुनिया भर के लाखों डेवलपर की मेहनत होती है, जो अदृश्य रूप से ऐसा प्रौद्योगिकी आधार तैयार करते हैं, जिससे ये सारी चीजें काम करती हैं।

ओपन यूके की मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) अमांडा ब्रॉक ने सोमवार को ‘पीटीआई वीडियो’ से एक साक्षात्कार में कहा कि सॉफ्टवेयर डेवलपर एआई युग के अदृश्य वास्तुकार हैं और इस क्षेत्र में भारत की भूमिका बहुत महत्वपूर्ण है।

उन्होंने कहा, ‘‘हर कोई पिज्जा खाने जाता है और केवल उसके ऊपर की सजावट (टॉपिंग) की बात करता है। किसी को बेस यानी नींव की चिंता नहीं होती क्योंकि वह सामान्य होती है। लेकिन अगर यह नींव हटा दी जाए, तो सब कुछ गड़बड़ हो जाएगा।’

उन्होंने बताया, ‘‘पिज्जा की टॉपिंग की तरह ही एआई और प्रौद्योगिकी उत्पाद हैं, जबकि नींव यानी आधार साझा कोड, डेटा, उपकरण और ढांचा है, जिसे दुनिया भर के प्रोग्रामर मिलकर तैयार करते हैं। यही प्रौद्योगिकी क्लाउड सेवाओं, मोबाइल ऐप, इंटरनेट सुरक्षा और एआई प्रणाली को चलाती है। यह दिखने में खास नहीं लगती, लेकिन इसके बिना डिजिटल दुनिया टिक नहीं पाएगी। और यह आधार ज्यादातर मिल-जुलकर बनाया जाता है।

दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में रहने वाले प्रोग्रामर मिलकर साझा कोड पर काम करते हैं, उसमें गलतियों को सुधारते हैं, कोड की जांच करते हैं और प्रोग्राम को बेहतर बनाते हैं। ‘गिटहब’ जैसे मंच इस काम के लिए ऑनलाइन कार्यशाला का काम करते हैं।

साझा कोड केवल सॉफ्टवेयर बनाने का तरीका नहीं है, यह लोगों के लिए काम करना आसान बनाता है। इसका मतलब है कि भारत का एक छात्र भी उसी परियोजना में योगदान दे सकता है जिस पर लंदन या सैन फ्रांसिस्को का इंजीनियर काम कर रहा हो। यही चीज इसे ताकतवर बनाती है।

ब्रॉक ने कहा कि इस क्षेत्र में भारत सबसे अहम भूमिका में है।

‘गिटहब’ की ‘ऑक्टोवर्स 2025’ रिपोर्ट के अनुसार, भारत में इस मंच पर 2.19 करोड़ से ज्यादा प्रोग्रामर हैं।

रिपोर्ट के मुताबिक, यह दुनिया का सबसे तेजी से बढ़ता हुआ प्रोग्रामर समुदाय है और वर्तमान में दुनिया में सबसे बड़ा साझा कोड योगदान देने वाला देश भी है। केवल 2025 में ही भारत से 50 लाख से ज्यादा नए प्रोग्रामर जुड़े।

इस बड़ी संख्या का मतलब है कि भारत में बहुत सारे प्रतिभाशाली छात्र, इंजीनियर, शोधकर्ता और फ्रीलांसर हैं, जो दुनिया भर की परियोजनाओं में काम करके एआई प्रणाली और डिजिटल सेवाओं को मजबूत बना रहे हैं।

ब्रॉक ने कहा कि भारत अब केवल प्रौद्योगिकी का उपयोग करने वाला देश नहीं रहा, बल्कि यह उसकी नींव तैयार करने में मदद कर रहा है।

भाषा योगेश अजय

अजय


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