विमानन क्षेत्र में चुनौतियों के बीच डीजीसीए को मिला नया प्रमुख

विमानन क्षेत्र में चुनौतियों के बीच डीजीसीए को मिला नया प्रमुख

विमानन क्षेत्र में चुनौतियों के बीच डीजीसीए को मिला नया प्रमुख
Modified Date: March 31, 2026 / 09:20 pm IST
Published Date: March 31, 2026 9:20 pm IST

नयी दिल्ली, 31 मार्च (भाषा) विमानन क्षेत्र में चुनौतियों के बीच नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) के नए महानिदेशक कार्यभार संभालने जा रहे हैं।

निवर्तमान महानिदेशक फैज अहमद किदवई का स्थान वीर विक्रम यादव लेंगे। किदवई के कार्यकाल में डीजीसीए ने कई चुनौतियों का सामना किया। इनमें पिछले साल दिसंबर में इंडिगो में की उड़ानों भारी बाधाएं, विभिन्न एयरलाइंस में चूक, गैर-अनुसूचित परिचालकों के विमानों की दुर्घटनाएं और जून, 2025 में एयर इंडिया के विमान की दुर्घटना शामिल है।

दुनिया के सबसे तेजी से बढ़ते नागर विमानन बाजारों में से एक होने के साथ, भारत में हवाई यातायात की मांग काफी अधिक है, जबकि परिचालन विस्तार की इच्छुक एयरलाइन कंपनियां विमानों की कमी और अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पश्चिम एशिया में संघर्ष से उत्पन्न अनिश्चितता के माहौल से जूझ रही हैं।

ओडिशा कैडर के 1996 बैच के वरिष्ठ भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) के अधिकारी यादव वर्तमान में पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय में अतिरिक्त सचिव हैं।

मंगलवार को जारी एक आधिकारिक आदेश के अनुसार, डीजीसीए के प्रमुख के रूप में एक वर्ष से कुछ अधिक समय बिताने के बाद, किदवई को कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग में अतिरिक्त सचिव पद पर नियुक्त किया गया है।

विमानन सुरक्षा नियामक, डीजीसीए, हाल के दिनों में कई घटनाओं के कारण सुर्खियों में रहा है, जिनमें दिसंबर, 2025 में इंडिगो के परिचालन में आई भारी बाधाएं शामिल हैं।

इसके अलावा, विमानन कंपनियों के स्तर पर लापरवाही के कई मामले सामने आए हैं, गैर-अनुसूचित परिचालकों द्वारा संचालित विमानों से जुड़ी दुर्घटनाएं हुई हैं और पिछले साल जून में एयर इंडिया का विमान की दुर्घटनाग्रस्त हो गया था।

नियामक ने दोषी एयरलाइन और उनके अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की है, जिनमें दिसंबर, 2025 की बाधाओं के लिए इंडिगो पर जुर्माना और अन्य कदम शामिल हैं।

पश्चिम एशिया युद्ध के मद्देनजर, डीजीसीए एयरलाइन संचालन पर कड़ी नजर रख रहा है क्योंकि क्षेत्र में हवाई क्षेत्र पर प्रतिबंधों के साथ-साथ अन्य परिचालन चुनौतियों और ईंधन की बढ़ती कीमतों के कारण महत्वपूर्ण बाधाएं उत्पन्न हुई हैं।

दूसरी ओर, डीजीसीए ने यात्रियों के हित में कुछ उपाय भी किए हैं। एयरलाइंस 20 अप्रैल से कम से कम 60 प्रतिशत सीटें बिना किसी अतिरिक्त शुल्क के उपलब्ध कराने के लिए तैयार हैं। साथ ही पारदर्शी सीट आवंटन नीति का पालन भी करेंगी।

भाषा रमण अजय

अजय


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