डिजिटल, एआई टूल की सामाजिक प्रभाव बढ़ाने में बढ़ रही भूमिकाः पीरामल चेयरमैन

डिजिटल, एआई टूल की सामाजिक प्रभाव बढ़ाने में बढ़ रही भूमिकाः पीरामल चेयरमैन

डिजिटल, एआई टूल की सामाजिक प्रभाव बढ़ाने में बढ़ रही भूमिकाः पीरामल चेयरमैन
Modified Date: February 5, 2026 / 06:55 pm IST
Published Date: February 5, 2026 6:55 pm IST

नयी दिल्ली, पांच फरवरी (भाषा) पीरामल समूह के चेयरमैन अजय पीरामल ने बृहस्पतिवार को कहा कि सामाजिक प्रभाव बढ़ाने में डिजिटल और कृत्रिम मेधा (एआई) पर आधारित टूल की भूमिका बढ़ रही है और ये शिक्षा एवं स्थानीय शासन जैसे क्षेत्रों में लक्षित हस्तक्षेप को संभव बना रहे हैं।

पीरामल ने यहां ‘इंडिया लीडर्स फॉर सोशल सेक्टर’ (आईएलएसएस) की तरफ से आयोजित एक कार्यक्रम में कहा कि भले ही धन जुटाने की प्रक्रिया अब भी काफी हद तक भौतिक रूप से संचालित होती है लेकिन प्रौद्योगिकी का उपयोग सार्वजनिक कल्याण योजनाओं के क्रियान्वयन में मौजूद संरचनात्मक खामियों को दूर करने के लिए किया जा रहा है।

उन्होंने शिक्षा क्षेत्र का उदाहरण देते हुए कहा कि लड़कियों को आठ वर्ष की आयु तक मुफ्त शिक्षा और उसके बाद छात्रवृत्ति की पात्रता होने के बावजूद सरकार द्वारा आवंटित लगभग 40 प्रतिशत छात्रवृत्ति राशि हर साल बिना इस्तेमाल के ही रह जाती है। इसकी वजह यह है कि लाभार्थियों तक जानकारी और लाभ समय पर नहीं पहुंच पाता है। इस अंतर को पाटने के लिए डिजिटल समाधान अपनाए जा रहे हैं।

उन्होंने स्थानीय शासन के संदर्भ में कहा कि योजनाओं के क्रियान्वयन में अहम भूमिका निभाने वाली पंचायतों को कई बार चलाई जा रही योजनाओं की समय पर जानकारी नहीं मिल पाती है और समुदायों को भी अपने अधिकारों एवं लाभ की पूरी समझ नहीं होती है।

उन्होंने बताया कि सूचना की इन खाइयों को पाटने और पंचायतों एवं नागरिकों को सशक्त बनाने के लिए एआई-आधारित पायलट परियोजनाएं शुरू की गई हैं।

पीरामल ने कहा कि व्यावसायिक सोच और करुणा-आधारित दृष्टिकोण में कोई वास्तविक विभाजन नहीं है और इन दोनों का ही निर्धारण उद्देश्य से होना चाहिए।

भाषा प्रेम

प्रेम अजय

अजय


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