डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना पहल का 2030 तक जीडीपी में चार प्रतिशत योगदान संभव: रिपोर्ट
डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना पहल का 2030 तक जीडीपी में चार प्रतिशत योगदान संभव: रिपोर्ट
नयी दिल्ली, 27 अप्रैल (भाषा) भारत की डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना (डीपीआई) पहल पहले ही सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में लगभग एक प्रतिशत का योगदान दे रही है और 2030 तक यह आंकड़ा बढ़कर चार प्रतिशत हो सकता है। नीति आयोग की सोमवार को जारी एक रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई।
‘विकसित भारत के लिए डीपीआई एट 2047’ शीर्षक वाली रिपोर्ट में कहा गया कि भारत पीढ़ी में एक बार आने वाले निर्णायक मोड़ पर खड़ा है। इसमें कहा गया, ”भारत की डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना (डीपीआई) पहल पहले ही जीडीपी में लगभग एक प्रतिशत का योगदान दे रही है और 2030 तक यह आंकड़ा चार प्रतिशत हो सकता है।”
रिपोर्ट में कहा गया कि ‘डीपीआई 2.0’ को विकेंद्रीकृत राज्य आधारित पहलों के माध्यम से सबसे अच्छी तरह आगे बढ़ाया जाएगा, जिसमें भारत सरकार और नीति आयोग उत्प्रेरक के रूप में कार्य करेंगे।
इसमें यह भी कहा गया कि 2026-27 की योजना के अनुसार राज्य आधारित बदलावों में वैश्विक भागीदारों को सहयोगियों के रूप में शामिल करना महत्वपूर्ण होगा।
रिपोर्ट जारी करते हुए निवर्तमान नीति आयोग के वाइस चेयरमैन सुमन बेरी ने कहा कि 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को साकार करने की भारत की आकांक्षा के लिए ऐसे विकास पथों की आवश्यकता है जो समावेशी, विशाल और पूरी अर्थव्यवस्था में उत्पादकता बढ़ाने में सक्षम हों।
भाषा पाण्डेय रमण
रमण

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