जितेंद्र सिंह ने वंचित समुदायों से सरकारी नौकरियों के बजाय उद्यमिता अपनाने का आह्वान किया
जितेंद्र सिंह ने वंचित समुदायों से सरकारी नौकरियों के बजाय उद्यमिता अपनाने का आह्वान किया
जम्मू, 25 अप्रैल (भाषा) केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने शनिवार को वंचित समुदायों से पारंपरिक रूप से सरकारी नौकरियों पर निर्भरता से आगे बढ़कर उद्यमिता को अपनाने का आह्वान किया।
सिंह ने यहां अंबेडकर चैंबर ऑफ कॉमर्स की जम्मू-कश्मीर शाखा के उद्घाटन के अवसर पर अनुसूचित जाति (एससी) और अन्य कमजोर वर्गों में उद्यमिता की सोच और निवेश आधारित दृष्टिकोण विकसित करने पर जोर दिया।
प्रधानमंत्री कार्यालय में राज्य मंत्री सिंह ने लोगों से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी सरकार की विभिन्न योजनाओं का लाभ उठाकर टिकाऊ आर्थिक वृद्धि और आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ने की अपील की।
उन्होंने कहा, “सरकार ने कमजोर वर्गों, विशेषकर अनुसूचित जाति और जनजाति के लिए शुरुआती स्तर से ही सहयोग और समर्थन की व्यापक व्यवस्था की है…। इन वर्गों के लोगों को केवल सरकारी नौकरियों पर निर्भर रहने के बजाय उद्यमिता और व्यवसाय विकास के अवसरों की ओर भी कदम बढ़ाना चाहिए।”
सिंह ने कहा कि केंद्र सरकार ने समाज के कमजोर वर्गों के उत्थान के लिए कई लक्षित योजनाएं शुरू की हैं। उन्होंने जन धन योजना को वित्तीय समावेशन की पहल और मुद्रा योजना को ऋण उपलब्धता बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया।
सिंह ने पारंपरिक कारीगरी के संरक्षण और स्थायी आजीविका के अवसर सृजित करने के उद्देश्य से शुरू की गई विश्वकर्मा योजना का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि आंकड़े इन योजनाओं के दलितों और अन्य वंचित वर्गों के सामाजिक-आर्थिक उत्थान पर सकारात्मक प्रभाव को दर्शाते हैं।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि इन समुदायों में आकांक्षाएं बढ़ रही हैं और साधारण पृष्ठभूमि के उम्मीदवार सिविल सेवा सहित प्रतिस्पर्धी परीक्षाओं में सफल हो रहे हैं।
उन्होंने एक आदिवासी महिला के देश के राष्ट्रपति पद तक पहुंचने का उल्लेख करते हुए कहा कि यह सामाजिक सशक्तीकरण का प्रतीक है।
भाषा योगेश पाण्डेय
पाण्डेय

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