चार साल में भंडारण मांग में ई-कॉमर्स, खुदरा, एफएमसीजी की हिस्सेदारी 27 प्रतिशत : रिपोर्ट

चार साल में भंडारण मांग में ई-कॉमर्स, खुदरा, एफएमसीजी की हिस्सेदारी 27 प्रतिशत : रिपोर्ट

चार साल में भंडारण मांग में ई-कॉमर्स, खुदरा, एफएमसीजी की हिस्सेदारी 27 प्रतिशत : रिपोर्ट
Modified Date: September 27, 2023 / 06:45 pm IST
Published Date: September 27, 2023 6:45 pm IST

नयी दिल्ली, 27 सितंबर (भाषा) ई-कॉमर्स, रोजमर्रा के उपभोग वाले उत्पाद (एफएमसीजी) और खुदरा क्षेत्रों का वर्ष 2019 के बाद से कुल भंडारण मांग में 27 प्रतिशत योगदान रहा है। एक रिपोर्ट में यह अनुमान पेश किया गया है।

सीबीआरई और इंडोस्पेस की तरफ से बुधवार को जारी रिपोर्ट के मुताबिक, ई-कॉमर्स, एफएमसीजी और खुदरा क्षेत्रों की सामूहिक भंडारण मांग 2019 से लेकर 2023 की पहली छमाही के बीच कुल मांग का लगभग 27 प्रतिशत रही है।

खुदरा क्षेत्र में हाइपरमार्केट (51 प्रतिशत) और फैशन एवं परिधान (32 प्रतिशत) कंपनियों का भंडारण मांग में प्रमुख रूप से हिस्सा रहा है।

रिपोर्ट कहती है कि कुल भंडारण मांग में खुदरा क्षेत्र की हिस्सेदारी 2019 में आठ प्रतिशत थी जो 2022 में बढ़कर 13 प्रतिशत हो गई।

रियल एस्टेट सलाहकार फर्म सीबीआरई के मुताबिक, जनवरी-जून, 2023 में खुदरा क्षेत्र की भंडारण मांग में हिस्सेदारी नौ प्रतिशत थी लेकिन त्योहारी मौसम में खपत अनुमानित रूप से बढ़ने से दूसरी छमाही में इसके मजबूत होने की उम्मीद है।

सीबीआरई के भारत, दक्षिण-पूर्व एशिया, पश्चिम एशिया एवं अफ्रीका खंड के चेयरमैन एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी अंशुमन मैगजीन ने कहा, ‘‘भारत का खुदरा परिदृश्य एक अभूतपूर्व बदलाव के दौर से गुजर रहा है। खुदरा विक्रेताओं की संख्या बढ़ने, स्टोर के विस्तार और ऑनलाइन खरीदारी तेजी से बढ़ने से ऐसा हो रहा है।’’

उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया और ई-कॉमर्स मंचों के बीच संपर्क बढ़ने से एक व्यापक ऑनलाइन खरीदारी पारिस्थितिकी स्थापित हो रही है।

भाषा प्रेम प्रेम अजय

अजय


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