किसान खाद्य उत्पादक ही नहीं, भविष्य के ऊर्जा आपूर्तिकर्ता भी : गडकरी

किसान खाद्य उत्पादक ही नहीं, भविष्य के ऊर्जा आपूर्तिकर्ता भी : गडकरी

किसान खाद्य उत्पादक ही नहीं, भविष्य के ऊर्जा आपूर्तिकर्ता भी : गडकरी
Modified Date: April 13, 2026 / 06:53 pm IST
Published Date: April 13, 2026 6:53 pm IST

(लक्ष्मी देवी ऐरे)

रायसेन (मध्य प्रदेश), 13 अप्रैल (भाषा) केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने सोमवार को कहा कि किसानों को खाद्य उत्पादक के तौर पर अपनी पारंपरिक भूमिका से आगे बढ़कर ऊर्जा, ईंधन और हाइड्रोजन प्रदाता बनना होगा, क्योंकि सरकार गांवों की आय में विविधता लाने और आयात पर देश की निर्भरता कम करना चाहती है।

रायसेन (मध्य प्रदेश) में चार दिन के राष्ट्रीय कृषि उत्सव ‘उन्नत कृषि महोत्सव’ को संबोधित करते हुए गडकरी ने कहा कि खेती के बचे हुए हिस्से, बायोमास, एथनॉल, संपिंडित प्राकृतिक गैस और हाइड्रोजन भारत के किसान समुदाय के लिए आय के ऐसे मौके देते हैं जिनका अभी तक इस्तेमाल नहीं हुआ है।

गडकरी ने कार्यक्रम में मौजूद सैकड़ों किसानों से कहा, ‘‘ज्ञान सबसे बड़ी ताकत है, और इस ज्ञान को दौलत में बदलना आज कृषि क्षेत्र की सबसे बड़ी ज़रूरत है।’’

मंत्री ने कहा कि कृत्रिम मेधा, उपग्रह-आधारित सूचना प्रणाली, ड्रोन और नैनो यूरिया आधुनिक खेती को नया रूप दे रहे हैं। उन्होंने किसानों से लागत कम करने और उत्पादकता बढ़ाने के लिए प्रौद्योगिकी को अपनाने की अपील की।

पानी की बचत के बारे में, कि क्या यह भारत के बारिश पर निर्भर खेती के क्षेत्र के लिए एक ज़रूरी मुद्दा है? गडकरी ने एक आसान तरीका बताया: तेज़ बहने वाले पानी को धीमा करें, धीरे बहने वाले पानी को रोकें और रुके हुए पानी को ज़मीन में रिसने दें। उन्होंने कहा, ‘‘जैसे बैंक में पैसा जमा होता है, वैसे ही पानी को ज़मीन में जमा करना चाहिए।’’

गडकरी ने फसल कटाई के बाद मज़बूत बुनियादी ढांचे की ज़रूरत पर भी ज़ोर दिया, और चेतावनी दी कि बिना सही शीत भंडारण, प्रसंस्करण संयंत्र और मूल्य वर्धन सुविधाओं के अधिशेष उत्पादन से खेती की कीमतें कम हो जाएंगी। उन्होंने ग्रामीण आय बढ़ाने के लिए डेयरी, मछली पालन और समुद्री अर्थव्यवस्था को प्राथमिकता वाले क्षेत्र बताया।

इस मौके पर कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि यह मेला किसी नतीजे के बजाय एक नया अध्याय दिखाता है, और उन्होंने स्थानीय मिट्टी, मौसम और पानी की स्थितियों के हिसाब से खेत से बाज़ार तक की रणनीति लागू करने के लिए एक कार्यबल बनाने की घोषणा की।

चौहान ने कहा, ‘‘हम अपने किसानों की तस्वीर और किस्मत बदलने में कोई कसर नहीं छोड़ेंगे।’’

मध्य प्रदेश के रायसेन में हुए कृषि मेले में पॉलीहाउस, ग्रीनहाउस, हाइड्रोपोनिक खेती, ड्रोन प्रौद्योगिकी और एक एकड़ खेती के मॉडल दिखाए गए, जिनका मकसद किसानों को खेती के नए तरीकों से परिचित कराना था।

भाषा राजेश राजेश अजय

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