उत्तर प्रदेश में बिना पंजीकरण के भी गेहूं बेच सकेंगे किसान
उत्तर प्रदेश में बिना पंजीकरण के भी गेहूं बेच सकेंगे किसान
लखनऊ, 20 अप्रैल (भाषा) उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गेहूं खरीद को लेकर किसानों को बड़ी राहत दी है। अब किसान पंजीकरण (रजिस्ट्री) के बिना भी सरकारी क्रय केंद्रों पर अपना गेहूं बेच सकेंगे। सोमवार को एक आधिकारिक बयान में यह जानकारी दी गई।
बयान में कहा गया है कि किसानों को हो रही असुविधा के दृष्टिगत सरकार ने यह बड़ा फैसला लिया है। मुख्यमंत्री ने सभी जिलाधिकारियों को आदेश तत्काल लागू करने के निर्देश दिए हैं।
इस वर्ष गेहूं खरीद के लिए किसानों की ‘फार्मर रजिस्ट्री’ अनिवार्य की गई थी। कई किसानों का पंजीकरण न होने या तकनीकी दिक्कतों के कारण वे अपना गेहूं सरकारी केंद्रों पर नहीं बेच पा रहे थे। इससे किसानों में नाराजगी थी और उन्हें बिचौलियों को औने-पौने दाम पर गेहूं बेचना पड़ रहा था।
किसानों की समस्या को देखते हुए मुख्यमंत्री ने तत्काल हस्तक्षेप किया। नए आदेश के अनुसार, अब किसान पूर्व के वर्षों की तरह बिना रजिस्ट्री के भी सरकारी क्रय केंद्र पर गेहूं बेच सकेंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि क्रय केंद्रों पर गेहूं बिक्री के लिए आने वाले किसानों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। बेतहाशा गर्मी को देखते हुए सभी क्रय केंद्रों पर किसानों के लिए पानी, पंखा, छाजन समेत सभी मूलभूत आवश्यकताओं की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित होनी चाहिए।
खाद्य व रसद विभाग के मुताबिक, 20 अप्रैल दोपहर 11 बजे तक 42 हजार से अधिक किसानों से 2.38 लाख टन से गेहूं खरीद की जा चुकी है। गेहूं बिक्री के लिए अब तक 4.77 लाख से अधिक किसानों ने पंजीकरण भी कर लिया है। अब तक प्रदेश में 5,400 से अधिक क्रय केंद्र स्थापित कर लिए गए हैं।
भाषा आनन्द वैभव वैभव अजय
अजय
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