CG Jaggi Murder Case: अब इस दिन होगी अमित जोगी की याचिका पर सुनवाई, हाईकोर्ट से उम्रकैद के बाद खटखटाया सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा

CG Jaggi Murder Case: अब इस दिन होगी अमित जोगी की याचिका पर सुनवाई, हाईकोर्ट से उम्रकैद के बाद खटखटाया सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा

CG Jaggi Murder Case: अब इस दिन होगी अमित जोगी की याचिका पर सुनवाई, हाईकोर्ट से उम्रकैद के बाद खटखटाया सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा

CG Jaggi Murder Case | Photo Credit: IBC24

Modified Date: April 20, 2026 / 01:04 pm IST
Published Date: April 20, 2026 12:46 pm IST
HIGHLIGHTS
  • सुप्रीम कोर्ट ने SLP और हाईकोर्ट अपील को टैग कर संयुक्त सुनवाई तय की
  • अगली सुनवाई 23 अप्रैल 2026 को होगी
  • अमित जोगी ने कहा कि उन्हें न्यायपालिका पर पूरा भरोसा है

रायपुर: CG Jaggi Murder Case छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित रामावतार जग्गी हत्याकांड केस में अमित जोगी की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में आज सुनवाई हुई है। जिसके बाद अब अगली सुनवाई 23 अप्रैल को होगी। कोर्ट ने इस मामले में दायर SLP और हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ अपील को एक साथ टैग कर दिया है, यानी अब दोनों मामलों पर संयुक्त सुनवाई होगी। इसी बीच अमित जोगी ने कहा कि उन्हें न्यायपालिका पर पूरा भरोसा है।

CG Jaggi Murder Case उन्होंने अपने सोशल मीडिया एक्स पर एक पोस्ट किया है। जिसमें उन्होंने लिखा कि आज का सुनवाई अपडेट – माननीय सर्वोच्च न्यायालय, माननीय सर्वोच्च न्यायालय ने आज दोनों मामलों को एक साथ टैग कर दिया है – दिनांक 25.03.2026 के लीव टू अपील आदेश के विरुद्ध मेरी एसएलपी, दिनांक 02.04.2026 के उच्च न्यायालय के निर्णय के विरुद्ध वैधानिक अपील। दोनों मामलों की संयुक्त सुनवाई 23 अप्रैल को निर्धारित की गई है। मेरी ओर से आज वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल जी, मुकुल रोहतगी जी, विवेक तन्खा, सिद्धार्थ दवे जी तथा शशांक गर्ग जी उपस्थित हुए। मेरी कानूनी टीम का हृदय से आभार। न्यायपालिका पर मुझे पूर्ण विश्वास है।’

सजा को रद्द करने लगाई थी याचिका

बता दें कि करीब 23 साल पुराने राम अवतार जग्गी हत्याकांड में बिलासपुर हाई कोर्ट द्वारा दोषी करार दिए गए पूर्व विधायक अमित जोगी ने आजीवन कारावास की सजा के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिका की थी, जिसकी सुनवाई आज सुप्रीम कोर्ट हुई है। अमित जोगी ने बिलासपुर हाईकोर्ट की सजा को रद्द करने के लिए सुप्रीम कोर्ट मे याचिका लगाई थी कि उनके साथ अन्याय हुआ है, क्योंकि हाई कोर्ट ने उन्हें बिना सुने ही सीबीआई की दलील पर 40 मिनट में फैसला सुना दिया।

23 साल पहले रामअवतार की हुई थी हत्या

गौरतलब है कि 23 साल पहले रामअवतार जग्गी की गोली मारकर कर दी थी हत्या 4 जून 2003 को एनसीपी नेता रामअवतार जग्गी की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस मामले में पुलिस ने 31 लोगों को आरोपी बनाया था। बाद में बलटू पाठक और सुरेंद्र सिंह सरकारी गवाह बन गए थे। अमित जोगी को छोड़कर बाकी 28 लोगों को दोषी करार दिया गया था। हालांकि बाद में अमित जोगी को बरी कर दिया गया था। अमित जोगी को बरी किए जाने के खिलाफ रामअवतार जग्गी के बेटे सतीश जग्गी ने सुप्रीम कोर्ट में अपील की थी।

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