जम्मू-कश्मीर में चूना पत्थर के सात खनन ब्लॉक की पहली नीलामी शुरू
जम्मू-कश्मीर में चूना पत्थर के सात खनन ब्लॉक की पहली नीलामी शुरू
(तस्वीरों के साथ)
जम्मू, 24 नवंबर (भाषा) केंद्र सरकार ने सोमवार को जम्मू-कश्मीर में पहली बार चूना-पत्थर (लाइमस्टोन) के सात खनन ब्लॉक की ई-नीलामी की प्रक्रिया शुरू की, जिससे केंद्रशासित प्रदेश औपचारिक तौर पर देश के खनिज मानचित्र का हिस्सा बन गया।
इन ब्लॉक का कुल क्षेत्रफल करीब 314 हेक्टेयर है और ये अनंतनाग, राजौरी एवं पुंछ जिलों में स्थित हैं।
केंद्रीय कोयला एवं खनन मंत्री जी. किशन रेड्डी, जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला और उपमुख्यमंत्री सुरेंद्र चौधरी ने अनंतनाग में आयोजित एक कार्यक्रम में नीलामी प्रक्रिया की संयुक्त रूप से शुरुआत की।
रेड्डी ने इसे खनन क्षेत्र में पारदर्शिता और सुधार लाने की दिशा में ऐतिहासिक कदम बताया।
उन्होंने कहा कि उच्चतम न्यायालय के 2014 के दिशानिर्देशों के अनुरूप प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में खनन नीति को 100 प्रतिशत पारदर्शी बनाने के लिए बड़े बदलाव किए गए हैं।
उन्होंने कहा, “जम्मू-कश्मीर में यह नीलामी विकास के नए दौर की शुरुआत करेगी। इससे स्थानीय समुदायों के लिए रोजगार, राजस्व और उद्योग के नए अवसर पैदा होंगे।”
रेड्डी ने बताया कि कुछ महीनों में खान मंत्रालय, भारतीय भूगर्भ सर्वेक्षण (जीएसआई) और जम्मू-कश्मीर सरकार ने मिलकर इन ब्लॉकों की पहचान, अन्वेषण और मूल्यांकन का काम पूरा किया है। उन्होंने इसे सहकारी संघवाद का उदाहरण बताते हुए कहा कि केंद्र और राज्य के संयुक्त प्रयास से जम्मू-कश्मीर ‘खनिज शक्ति-केंद्र’ बन सकता है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि केंद्र सरकार कोई अतिरिक्त कर नहीं लगा रही है और प्रीमियम एवं रॉयल्टी की पूरी राशि जम्मू-कश्मीर सरकार को ही मिलेगी। इसके साथ ही जिला खनिज निधि का उपयोग स्थानीय लोगों के कल्याण कार्यों में किया जाएगा।
रेड्डी ने कहा कि नीलामी की प्रौद्योगिकी-आधारित एवं वैज्ञानिक प्रक्रिया निवेशकों का भरोसा बढ़ाएगी और ‘कारोबारी सुगमता’ को गति देगी।
उन्होंने कहा कि नरेन्द्र मोदी सरकार ‘रिफॉर्म, परफॉर्म, ट्रांसफॉर्म’ के सिद्धांत पर काम कर रही है और आने वाले समय में खनन क्षेत्र में और सुधार देखने को मिलेंगे।
भाषा प्रेम
प्रेम अजय
अजय

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