“सरकार एक लाइन से डर रही है…” राहुल गांधी की किताब वाली बहस से संसद ठप, डोकलाम पर घमासान की पूरी कहानी
Rahul Gandhi cited an alleged unpublished memoir of former Army chief MM Naravane in Lok Sabha, triggering sharp objections from Rajnath Singh and Amit Shah. The exchange escalated into a major disruption over rules, national security, and the Doklam standoff.
Image Source: ANI
संसद में अचानक क्यों भड़का तूफान?
लोकसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव की चर्चा चल रही थी। माहौल सामान्य था — जब तक नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी खड़े नहीं हुए। कुछ ही मिनटों में सदन का स्वर बदल गया। राहुल गांधी ने पूर्व सेना प्रमुख जनरल एमएम नरवणे की एक अप्रकाशित किताब का हवाला देते हुए चीन और डोकलाम से जुड़ा संदर्भ पढ़ना चाहा।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह तुरंत खड़े हो गए। उनका सवाल छोटा था, लेकिन असर बड़ा:
“जिस किताब का जिक्र किया जा रहा है, क्या वह प्रकाशित हुई है?”
यहीं से संसद में ऐसा टकराव शुरू हुआ जिसने पूरे दिन की कार्यवाही रोक दी।
“अखबार की कटिंग, किताबों पर चर्चा की परंपरा
नहीं रही है…”“अखबार की कटिंग, किताबों पर चर्चा की परंपरा नहीं रही है”
▶️लोकसभा में स्पीकर ओम बिरला ने विपक्ष से कहा #OmBirla @ombirlakota #RahulGandhi @RahulGandhi @rajnathsingh pic.twitter.com/4wT6JW1MrJ
— IBC24 News (@IBC24News) February 2, 2026
विवाद की जड़: तेजस्वी सूर्या का हमला
इस बहस की शुरुआत राहुल गांधी से पहले हुई थी। बीजेपी सांसद तेजस्वी सूर्या ने यूपीए सरकार पर हमला बोलते हुए कहा:
“यूपीए के दस साल पॉलिसी पैरालिसिस के दस साल थे।”
उन्होंने राष्ट्रपति के पुराने अभिभाषणों का हवाला देते हुए दावा किया कि आंतरिक सुरक्षा और आतंकवाद से निपटने में मौजूदा सरकार ने निर्णायक कार्रवाई की है। कांग्रेस सांसदों ने विरोध किया। राहुल गांधी ने जवाब देने के लिए खड़े होकर कहा कि कांग्रेस की देशभक्ति पर सवाल उठाए गए हैं।
Delhi: BJP MP Tejasvi Surya says, “In reference to the President’s address, I sincerely thank Sarbananda Sonowal for giving me the opportunity to support the proposal he presented. Chairperson, this is for the 12th year of the Narendra Modi government and the first speech of the… pic.twitter.com/2mJtsUYEay
— IANS (@ians_india) February 2, 2026
राहुल गांधी क्या पढ़ना चाहते थे?
राहुल गांधी ने दावा किया कि पूर्व आर्मी चीफ एमएम नरवणे की आत्मकथा में 2020 के भारत-चीन गतिरोध और डोकलाम की स्थिति का उल्लेख है। उन्होंने कहा:
“ध्यान से सुनिए… इससे पता चलेगा कौन देशभक्त है।”
संसद में राहुल गांधी ने लोकसभा स्पीकर ओम बिरला से कहा, “आप बता दीजिए मुझे क्या कहना है”
▶️लोकसभा स्पीकर ने कहा, “मैं आपका सलाहकार नहीं हूं”#OmBirla #RahulGandhi @RahulGandhi #loksabha @ombirlakota @BJP4India @INCIndia pic.twitter.com/dk0UR56YpD
— IBC24 News (@IBC24News) February 2, 2026
राहुल का आरोप था कि चीनी टैंक भारतीय पोज़िशन के बेहद करीब पहुंच गए थे। उन्होंने कहा कि यह राष्ट्रीय सुरक्षा का सवाल है और देश को सच जानना चाहिए।
जैसे ही उन्होंने कथित अंश पढ़ना शुरू किया, सरकार ने कड़ा विरोध दर्ज किया।
“ये लोग इतने घबरा रहे हैं कि मुझे पढ़ने ही नहीं दे रहे हैं”- राहुल गांधी #RahulGandhi @RahulGandhi #LokSabha #Congress @INCIndia pic.twitter.com/QETLJih5W0
— IBC24 News (@IBC24News) February 2, 2026
सरकार की आपत्ति: नियम बनाम बयान
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा:
“अगर किताब प्रकाशित नहीं हुई है तो उसका उल्लेख सदन में नहीं किया जा सकता।”
गृह मंत्री अमित शाह ने जोड़ा:
“सदन में प्रमाणिक और प्रकाशित स्रोत ही रखे जा सकते हैं।”
VIDEO | Parliament budget session: Union Home Minister Amit Shah interjects Rahul Gandhi as he raises China’s issue, quoting the former army chief’s unpublished memoir in Lok Sabha.
(Source: Third Party)
(Full video available on PTI Videos – https://t.co/n147TvrpG7) pic.twitter.com/RUPJXGrViv
— Press Trust of India (@PTI_News) February 2, 2026
संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने स्पष्ट कहा:
“संसद नियमों से चलती है, बिना छपी किताब का हवाला व्यवस्था के खिलाफ है।”
सरकार का तर्क साफ था — अप्रमाणित सामग्री संसद के रिकॉर्ड का हिस्सा नहीं बन सकती।
BJP questioned Congress patriotism, Rahul Gandhi Ji stood to reply.
As soon as he started quoting statement of former Army chief Narwane, Amit Shah and Rajnath Singh objected.
The govt itself stopped publication of Army chief’s book and now shouting….this is their patriotism. pic.twitter.com/oG5SPrbywc
— Shantanu (@shaandelhite) February 2, 2026
स्पीकर का हस्तक्षेप: “सदन नियमों से चलेगा”
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कई बार राहुल गांधी को रोका। उन्होंने कहा:
“अप्रकाशित किताब या अखबार की कटिंग को कोट नहीं किया जा सकता।”
स्पीकर ने राष्ट्रपति के अभिभाषण तक चर्चा सीमित रखने को कहा। लेकिन राहुल गांधी अड़े रहे।
राहुल गांधी का पलटवार: “सरकार डर रही है”
राहुल गांधी ने सदन के भीतर कहा:
“मुझे बस दो लाइन बोलनी हैं, ये राष्ट्रीय सुरक्षा का मामला है।”
सदन के बाहर उन्होंने आरोप लगाया:
“सरकार एक लाइन से डर रही है… सच सामने आने से रोका जा रहा है।”
LIVE: LoP Shri @RahulGandhi‘s reply to the motion of thanks on the President’s address. https://t.co/sJRglGgzDB
— Congress (@INCIndia) February 2, 2026
राहुल ने दावा किया कि संबंधित किताब को जानबूझकर प्रकाशित नहीं होने दिया गया।
जनरल मनोज मुकुंद नरवणे जी ने अपनी किताब में PM नरेंद्र मोदी और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के बारे में साफ-साफ लिखा है।
मैं उसी आर्टिकल को Quote कर रहा हूं, लेकिन मुझे बोलने नहीं दिया जा रहा है।
पूरी मोदी सरकार डरी हुई है कि अगर नरवणे जी की किताब सामने आ गई, तो नरेंद्र मोदी और… pic.twitter.com/MS0KwpuOak
— Congress (@INCIndia) February 2, 2026
अखिलेश यादव का समर्थन
समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव राहुल गांधी के समर्थन में खड़े हुए। उन्होंने कहा:
“चीन का मुद्दा संवेदनशील है, विपक्ष को बोलने देना चाहिए।”
उनका तर्क था कि राष्ट्रीय सुरक्षा लोकतांत्रिक बहस से बाहर नहीं हो सकती।
Samajwadi Party Chief Akhilesh Yadav has once again stood for LoP Rahul Gandhi 😎🔥
He says China is a bigger enemy and we must protect ourselves from them, and that’s why we must hear what the Leader of Opposition Rahul Gandhi has to say. pic.twitter.com/9SQfaqdLek
— Luffy (@luffyspeaking) February 2, 2026
हंगामा इतना बढ़ा कि कार्यवाही स्थगित
लगातार शोर-शराबे के बीच लोकसभा की कार्यवाही पहले स्थगित हुई, फिर दोबारा शुरू हुई, और बाद में फिर रोकनी पड़ी। बाहर निकलते हुए राहुल गांधी ने कहा:
“मैं फिर बोलूंगा।”
संसद परिसर में भी बयानबाजी जारी रही।
डोकलाम पर असली दावा क्या था?
राहुल गांधी का मुख्य दावा था कि डोकलाम के दौरान चीनी टैंक भारतीय सीमा के बेहद करीब पहुंच गए थे। उन्होंने इसे नरवणे के संस्मरण और एक मैगज़ीन लेख से जोड़ते हुए पढ़ना चाहा।
सरकार ने इसे अप्रमाणित बताते हुए रोक दिया।
यही विवाद का केंद्र बन गया।
यह भी पढ़ें
- ‘पाकिस्तान जानता है वह जीत नहीं सकता, इज़्ज़त बचाने की कोशिश…’ सांसद कीर्ति आज़ाद का बड़ा बयान, कहा – पाकिस्तान सबसे बड़ा आतंकी देश
- ‘किसकी मां ने दूध पिलाया है, गोली मार के दिखाओ!’ रामकथा के मंच से क्यों भड़क उठे राजन जी महाराज? वीडियो हुआ वायरल
- मशहूर कथावाचक प्रेम बाईसा की मौत या साजिश? पिता और ये संत रडार पर, मोबाइल, कॉल डिटेल्स… SIT को मिला नया सुराग?

Facebook


