भारत-अमेरिका व्यापार समझौते का पहला चरण जुलाई मध्य तक हो सकता है लागूः गोयल

भारत-अमेरिका व्यापार समझौते का पहला चरण जुलाई मध्य तक हो सकता है लागूः गोयल

भारत-अमेरिका व्यापार समझौते का पहला चरण जुलाई मध्य तक हो सकता है लागूः गोयल
Modified Date: June 5, 2026 / 07:25 pm IST
Published Date: June 5, 2026 7:25 pm IST

विशाखापत्तनम, पांच जून (भाषा) वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने शुक्रवार को कहा कि भारत एवं अमेरिका अंतरिम व्यापार समझौते से जुड़े सभी अधूरे मुद्दों को सुलझाने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं और अगले महीने के मध्य तक इस समझौते का पहला चरण लागू हो जाने की संभावना है।

उन्होंने कहा कि इस समझौते को अंतिम रूप देने के लिए अमेरिकी दल दो से चार जून तक नयी दिल्ली में था और उन्होंने भारतीय दल के साथ संबंधित मुद्दों पर चर्चा की।

गोयल ने कहा, ‘‘मेरी भी उनसे मुलाकात हुई थी और हम सभी अधूरे मुद्दों को सुलझाने की दिशा में तेज़ी से आगे बढ़ रहे हैं। मुझे लगता है कि अगले महीने के मध्य तक हम समझौते के पहले चरण को बहुत अच्छे तरीके से लागू करने की स्थिति में होंगे।’’

उन्होंने यहां संवाददाताओं से कहा, ‘‘यह हमारे द्विपक्षीय व्यापार समझौते का सिर्फ पहला चरण है, जिससे हमारे प्रतिस्पर्धियों की तुलना में भारत को तरजीही पहुंच मिलेगी।’’

वाणिज्य मंत्री ने कहा कि इस महीने के आखिर में एक उच्च-स्तरीय दल के भारत आने की उम्मीद है।

संभावना है कि इस दल का नेतृत्व अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि (यूएसटीआर) जैमीसन ग्रीर कर सकते हैं।

वाणिज्य मंत्रालय ने कहा कि राष्ट्रीय राजधानी में इस सप्ताह हुई वार्ता के दौरान दोनों देशों के व्यापार दलों ने वस्तु व्यापार, गैर-शुल्क उपायों, सीमा शुल्क और कारोबार सुगमता, आर्थिक सुरक्षा समन्वय तथा पारस्परिक हित के अन्य मुद्दों पर रचनात्मक एवं सकारात्मक चर्चा की।

अमेरिकी पक्ष का नेतृत्व उसके मुख्य वार्ताकार ब्रेंडन लिंच ने किया जबकि भारतीय पक्ष की अगुवाई वाणिज्य विभाग में अतिरिक्त सचिव वार्ताकार दर्पण जैन ने की।

यह वार्ता ऐसे समय में हुई है जब दोनों देश पहले चरण के द्विपक्षीय व्यापार समझौते (बीटीए) की रूपरेखा को अंतिम रूप दे चुके हैं और अब अंतरिम व्यापार समझौते एवं व्यापक बीटीए की दिशा में काम कर रहे हैं।

भारत और अमेरिका ने सात फरवरी को एक संयुक्त बयान जारी कर बीटीए के पहले चरण या अंतरिम व्यापार समझौते की रूपरेखा को अंतिम रूप दिया।

रूपरेखा में अमेरिका ने भारत पर शुल्क 50 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत करने पर सहमति जताई थी और रूसी तेल खरीद से जुड़े 25 प्रतिशत शुल्क को भी हटा दिया था। बाकी शुल्क को भी घटाकर 18 प्रतिशत करने का प्रस्ताव रखा गया था।

लेकिन, 20 फरवरी को अमेरिका के उच्चतम न्यायालय ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा लगाए गए व्यापक जवाबी शुल्क के खिलाफ फैसला सुनाया।

भाषा यासिर अजय

अजय


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