विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने में राजकोषीय सूझबूझ बनेगी मुख्य आधार: व्यय सचिव
विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने में राजकोषीय सूझबूझ बनेगी मुख्य आधार: व्यय सचिव
नयी दिल्ली, 24 सितंबर (भाषा) व्यय सचिव वी. वुअलनाम ने बृहस्पतिवार को कहा कि सरकार के स्तर पर अपनाई गई राजकोषीय सूझबूझ देश को 2047 तक विकसित भारत बनाने के लक्ष्य को हासिल करने में मजबूत आधार प्रदान करेगी।
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार पूंजीगत व्यय बढ़ाने पर ध्यान दे रही है। साथ ही एक योजना के तहत राज्यों को 50 साल का ब्याज मुक्त ऋण देकर उन्हें अवसंरचना क्षेत्र में खर्च बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है।
वुअलनाम ने कहा कि खासकर पिछले कुछ महीनों में जब बाहरी क्षेत्र अनिश्चित और अस्थिर रहा है, तब राजकोषीय मजबूती पर ध्यान देने से विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने के लिए बहुत मजबूत आधार मिला है।
उन्होंने पब्लिक अफेयर्स फोरम ऑफ इंडिया (पीएएफआई) के एक कार्यक्रम में कहा, ‘‘राजकोषीय सूझबूझ ऐसा आधार प्रदान करेगी, जिसके साथ हम एक देश के रूप में विकसित भारत की दिशा में आगे बढ़ सकेंगे।’’
व्यय सचिव ने कहा कि सरकार सामाजिक क्षेत्र की योजनाओं और सब्सिडी के लिए धन पहुंचाने में सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) का इस्तेमाल करने पर भी जोर दे रही है।
उन्होंने कहा कि सरकार के पास अब करीब 10 करोड़ किसानों का डेटाबेस है, जिसमें उनकी भूमि जोत और उगाई जाने वाली फसलों की जानकारी शामिल है।
वुअलनाम ने कहा कि सरकार यह देख रही है कि उर्वरक वितरण को बेहतर तरीके से लक्षित करने के लिए ‘एग्री-स्टैक’ का इस्तेमाल कैसे किया जा सकता है। इससे खेती वाली जमीन और फसल के आधार पर संबंधित किसानों तक उर्वरक पहुंचाने में मदद मिलेगी।
भाषा यासिर अजय
अजय

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