नयी दिल्ली, 30 अप्रैल (भाषा) बढ़ती निर्माण लागत के बीच देश के सात प्रमुख शहरों में जनवरी-मार्च तिमाही में फ्लैट के दाम सालाना आधार पर आठ से लेकर 20 प्रतिशत तक बढ़ गए। जेएलएल इंडिया ने एक रिपोर्ट में यह जानकारी दी है।
संपत्ति सलाहकार फर्म ने बृहस्पतिवार को जारी अपनी रिपोर्ट में कहा कि बीती तिमाही में फ्लैट की बिक्री आठ प्रतिशत बढ़कर 70,631 इकाई हो गई, जो एक साल पहले 65,222 इकाई थी। वहीं, नए घरों की आपूर्ति 13 प्रतिशत बढ़कर 90,023 इकाई हो गई।
इस गणना में शामिल शहरों में दिल्ली-एनसीआर, मुंबई, बेंगलुरु, पुणे, चेन्नई, हैदराबाद और कोलकाता शामिल हैं।
हालांकि बिकने वाली इकाइयों की गणना में सिर्फ फ्लैट शामिल किए गए हैं और भूखंड पर बने घर, विला एवं प्लॉट-आधारित विकास को बाहर रखा गया है।
रिपोर्ट के मुताबिक, मजबूत मांग, जमीन एवं निर्माण की लागत बढ़ने और प्रीमियम आवास की तरफ ग्राहकों का रुझान होने से फ्लैट की कीमतों में बढ़ोतरी लगातार जारी है। हालांकि, बिक्री की रफ्तार सीमित रहने पर आगे कीमतों में वृद्धि की गति धीमी हो सकती है।
आंकड़ों के मुताबिक, मार्च तिमाही में 50 लाख रुपये से कम कीमत वाले फ्लैट की बिक्री 24 प्रतिशत घटकर 20,269 इकाई रह गई, जबकि एक करोड़ रुपये से अधिक कीमत वाले फ्लैट की बिक्री 30 प्रतिशत बढ़कर 50,362 इकाई हो गई।
जेएलएल इंडिया के वरिष्ठ प्रबंध निदेशक (चेन्नई एवं कोयंबटूर) और आवासीय सेवा प्रमुख (भारत) शिवा कृष्णन ने कहा, ‘आवासीय बाजार एक संक्रमण के दौर से गुजर रहा है, जहां आपूर्ति तो बढ़ रही है लेकिन खरीदार आर्थिक अनिश्चितताओं के बीच सतर्क रुख अपना रहे हैं।’
इन आंकड़ों पर रियल्टी कंपनी सत्वा ग्रुप की अध्यक्ष (बिक्री एवं विपणन) करिश्मा सिंह ने कहा कि खरीदार अब भरोसेमंद ब्रांड वाले डेवलपरों को प्राथमिकता दे रहे हैं, जिससे बड़े रियल एस्टेट कंपनियों की बाजार हिस्सेदारी बढ़ रही है।
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