Rubat Controversy : भारतीय नवाबों की बनाई रुबातें में पाकिस्तानियों का कब्जा! कांग्रेस के इस विधायक ने उठाए सवाल, सरकार को दी ये चेतावनी

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भोपाल रियासत के नवाबों द्वारा मक्का और मदीना में हज यात्रियों के लिए बनाई गई ऐतिहासिक रुबातें इन दिनों विवादों में हैं। आरोप है कि इन पर कुछ लोगों का कब्जा हो गया है, जिसके चलते भारतीय हज यात्रियों को वहां रुकने में परेशानी हो रही है। मामला अब कोर्ट और संबंधित विभागों तक पहुंच गया है, जबकि वक्फ बोर्ड ने जांच और समाधान का भरोसा दिया है।

  • Reported By: Shailendra Singh

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  • Publish Date - April 30, 2026 / 04:43 PM IST,
    Updated On - April 30, 2026 / 04:43 PM IST

Rubat Controversy / Image Source : X

HIGHLIGHTS
  • भोपाल रियासत की ऐतिहासिक रुबातों को लेकर बड़ा विवाद
  • हज यात्रियों को पिछले कई सालों से रुकने में आ रही परेशानी
  • मामला कोर्ट तक पहुंचा, जांच और कार्रवाई की मांग तेज

भोपाल : Rubat Controversy  भोपाल के नवाबों ने भोपाल, रायसेन और सीहोर के हाजियों के लिए मक्का और मदीना में रुबातें बनाई थीं, लेकिन वर्तमान में पाकिस्तानी लोगों का इन पर कब्जा हो गया है। बड़ी बात तो यह है कि भारतीय राज्यों के लोगों को वहां रुकने की अनुमति भी नहीं है। इसके चलते पिछले 5-6 साल से हाजियों को खासी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। भोपाल नवाबों द्वारा बनवाई गई रुबातें भारतीय लोगों के लिए बंद होने का मामला तूल पकड़ गया है। इसको लेकर अब मदीना कोर्ट में दोबारा अपील की गई है, साथ ही सऊदी काउंसलेट और भारत के अल्पसंख्यक मंत्रालय को इसकी शिकायत की गई है।

“जहालत” के कारण 3 साल से बंद है रुबात

गौरतलब है कि मक्का में 210 लोगों के रुकने का इंतजाम इन रुबातों में है, वहीं मदीना में एक हजार हाजियों के रुकने की व्यवस्था है। Haj Pilgrims Bhopal, वहां पांच बिल्डिंगें हैं, लेकिन पिछले पांच-छह साल से वहां हाजी नहीं रुक पा रहे हैं। वर्तमान में अहमद शहजाद पाकिस्तानी नागरिक हैं, जो इनका देखरेख कर रहे हैं। कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद का आरोप है कि सबा सुल्तान और सिकंदर हफीज की “जहालत” के कारण 3 साल से रुबात बंद हैं, जिससे हाजी परेशान हो रहे हैं।

दोस्तों को फायदा पहुंचाने के लिए वक्फ की जमीन इधर-उधर की गई

आरिफ मसूद वक्फ बोर्ड अध्यक्ष सनवर पटेल से मिलने पहुंचे। उन्होंने बताया कि मीटिंग में रुबात चालू कराने पर सहमति बनी थी, लेकिन फैसला लागू नहीं हुआ। पटेल ने कहा कि बोर्ड पहले खुद जांच करेगा। आरिफ मसूद ने आगे कहा कि सबा सुल्तान और सिकंदर हाफिज की वजह से रुबात डूब गई। अपने दोस्तों को फायदा पहुंचाने के लिए वक्फ की जमीन इधर-उधर कर दी गई। अगर वक्फ बोर्ड हल नहीं निकालता तो हम FIR करवाएंगे, मेरे पास सबूत हैं, इसे FIR करवाऊंगा तब दूंगा।

पिछले सालों से रुबात पर नहीं रुक पा रहे हाजी

वहीं इसको लेकर वक्फ के अध्यक्ष डॉ. सनवर पटेल का कहना है कि सऊदी अरब के मक्का और मदीना में भोपाल, रायसेन, सीहोर के हाजियों के लिए भोपाल रियासत के नवाबों ने धर्मशालाओं का निर्माण कराया था, जिसमें हज पर जाने वाले लोग रुकते थे। लेकिन पिछले कुछ समय से मक्का और इस साल से मदीना में हज पर गए लोग इन रुबात (धर्मशालाओं) में नहीं रुक पा रहे हैं।

मदीना की रुबात का मामला कोर्ट में

मदीना की रुबात का मामला कोर्ट में चला गया है क्योंकि वहां कुछ लोगों ने अपने आपको इन रुबात का मुतवल्ली बताया है। जबकि हमारी ओर से सबा सुल्तान को मुतवल्ली नियुक्त किया गया है। सऊदी अरब की कोर्ट में उनकी मुतवल्ली होने की दलील से सहमति नहीं बनी है, इसलिए वहां भोपाल रियासत की रुबात का रखरखाव सऊदी वक्फ बोर्ड कर रहा है। अब देखना होगा कि विधायक की शिकायत और वक्फ बोर्ड के प्रयासों का क्या असर पड़ता है और कब तक यह रुबातें भारतीय हाजियों के लिए फिर से उपलब्ध हो पाती हैं।

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