विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों ने मई में अबतक भारतीय शेयर बाजार से 14,231 करोड़ रुपये निकाले

विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों ने मई में अबतक भारतीय शेयर बाजार से 14,231 करोड़ रुपये निकाले

विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों ने मई में अबतक भारतीय शेयर बाजार से 14,231 करोड़ रुपये निकाले
Modified Date: May 10, 2026 / 11:23 am IST
Published Date: May 10, 2026 11:23 am IST

नयी दिल्ली, 10 मई (भाषा) विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (एफपीआई) का भारतीय शेयर बाजार से निकासी का सिलसिला मई में भी जारी है। वैश्विक वृहद आर्थिक अनिश्चितता के बीच एफपीआई ने इस महीने अबतक भारतीय शेयर बाजार से शुद्ध रूप से 14,231 करोड़ रुपये निकाले हैं।

एनएसडीएल के आंकड़ों के अनुसार, इसके साथ ही 2026 में एफपीआई की भारतीय शेयर बाजार में बिकवाली का आंकड़ा बढ़कर दो लाख करोड़ रुपये के पार निकल गया है। पूरे 2025 के दौरान एफपीआई ने भारतीय बाजार से 1.66 लाख करोड़ रुपये निकाले थे।

फरवरी को छोड़कर, 2026 के सभी महीनों में एफपीआई शुद्ध बिकवाल रहे हैं। जनवरी में उन्होंने 35,962 करोड़ रुपये निकाले थे। हालांकि, फरवरी में उन्होंने 22,615 करोड़ रुपये का निवेश किया था, जो 17 माह का सबसे ऊंचा स्तर है।

हालांकि, मार्च में यह रुख फिर पलट गया और विदेशी निवेशकों ने रिकॉर्ड 1.17 लाख करोड़ रुपये की निकासी की। अप्रैल में भी उन्होंने 60,847 करोड़ रुपये के शेयर बेचे। मई में भी यह सिलसिला जारी है और एफपीआई अबतक 14,231 करोड़ रुपये के शेयर बेच चुके हैं।

मॉर्निंगस्टार इन्वेस्टमेंट रिसर्च इंडिया के प्रमुख – प्रबंधक शोध हिमांशु श्रीवास्तव ने कहा, ‘‘एफपीआई की बिकवाली की मुख्य वजह वैश्विक वृहद आर्थिक अनिश्चितता है। विदेशी निवेशक खासकर महंगाई, ब्याज दरों और भू-राजनीतिक जोखिमों को लेकर चिंतित हैं।’’

श्रीवास्तव ने यह भी कहा कि भारतीय रुपया भी दबाव में है, जो विदेशी निवेशकों के लिए डॉलर-समायोजित प्रतिफल पर असर डाल रहा है।

जियोजीत इन्वेस्टमेंट्स के मुख्य निवेश रणनीतिकार वी के विजयकुमार ने कहा कि कुल बिकवाली के बावजूद एफपीआई बिजली, निर्माण और पूंजीगत सामान जैसे चुनिंदा क्षेत्रों में निवेश कर रहे हैं।

भाषा अजय अजय

अजय


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