नये आयकर अधिनियम से जुड़े फॉर्म, नियम इसी महीने होंगे अधिसूचित: सीबीडीटी प्रमुख
नये आयकर अधिनियम से जुड़े फॉर्म, नियम इसी महीने होंगे अधिसूचित: सीबीडीटी प्रमुख
(राधा रमण मिश्रा)
नयी दिल्ली, पांच फरवरी (भाषा) केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) के चेयरमैन रवि अग्रवाल ने कहा है कि आयकर अधिनियम, 2025 के अप्रैल से लागू होने से पहले फरवरी में जरूरी फॉर्म और नियम अधिसूचित किए जाएंगे। इसके साथ ही अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्नों की सूची भी जारी की जाएगी।
अग्रवाल ने पीटीआई-भाषा के साथ बातचीत में यह भी कहा कि एक फरवरी को पेश बजट में पेनाल्टी को शुल्क में बदलने, कार्यवाही को अतिरिक्त कर का भुगतान कर समाप्त करने की सुविधा, शेयर पुनर्खरीद के मामले में कर को युक्तिसंगत बनाने और टीसीएस (स्रोत पर कर संग्रह) में कमी जैसे उपाय करदाताओं के लिए चीजों को सुगम बनाएंगे।
उन्होंने कहा, ‘‘प्रत्यक्ष कर के मोर्चे पर जो प्रस्ताव बजट में किए गए हैं, वे वास्तव में कानून को सरल बनाने और करदाताओं के लिए इसे आसान बनाने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों का ही एक हिस्सा हैं।’’
सीबीडीटी प्रमुख ने कहा, ‘हम फरवरी में नए आयकर फॉर्म और नियम जारी कर देंगे।… नए आयकर अधिनियम, 2025 के एक अप्रैल, 2026 से लागू होने से पहले संबंधित पक्षों से इस पर सुझाव लिया जाएगा।’’
अग्रवाल ने कहा कि सीबीडीटी नए कानून पर ‘बार-बार पूछे जाने वाले सवाल’ (एफएक्यू) और एक प्रस्तुति तैयार करने पर भी काम कर रहा है। यह नए अधिनियम के लागू होने के साथ जनता के लिए उपलब्ध होगी ताकि उन्हें चीजों को समझने में आसानी हो।
उन्होंने बजट के बारे में बात करते हुए कहा, ‘प्रत्यक्ष कर से संबंधित घोषित प्रस्तावों को ‘अलग-थलग’ नहीं देखा जाना चाहिए। इसे उस सरलीकरण प्रक्रिया की निरंतरता के रूप में देखा जाना चाहिए जो जुलाई 2024 से ही चल रही है। उस समय वित्त मंत्री ने घोषणा की थी कि हम आयकर अधिनियम की व्यापक समीक्षा करने जा रहे हैं।’
सीबीडीटी प्रमुख ने कहा कि पिछले साल पूरा जोर (आयकर अधिनियम की) भाषा को सरल बनाने पर था और नए कानून को इस तरह से लाने पर था कि करदाता इसे आसानी से पढ़ और समझ सकें।
उन्होंने कहा, ‘इस प्रक्रिया के माध्यम से हम यह भी सुनिश्चित करना चाहते हैं कि चीजों की कई तरह से व्याख्या न हो। इससे परोक्ष रूप से मुकदमेबाजी की समस्या का भी समाधान होगा।’
अग्रवाल ने कहा कि इस बात को ध्यान में रखते हुए उस समय प्रक्रियाओं में बदलाव करने का प्रयास नहीं किया गया था लेकिन हमेशा यही मत था कि हम आगे प्रक्रियाओं पर इस तरह से विचार करेंगे जिससे चीजों में और स्पष्टता आए।
उन्होंने कहा, “इसलिए, एक अप्रैल 2026 से नया आयकर अधिनियम लागू होने से पहले, इस दिशा में दूसरा कदम (बजट में) उठाया गया है। इसमें हम प्रावधानों में कुछ संरचनात्मक बदलाव ला रहे हैं…।’’
सीबीडीटी प्रमुख ने कहा कि आयकर अधिनियम में कुछ अभियोजन प्रावधानों को अपराध की श्रेणी से बाहर करने और जुर्माने से छूट देने की बजट में की गयी घोषणा का उद्देश्य करदाताओं को बेहतर सेवाएं प्रदान करने, मुकदमेबाजी को कम करने, अनुपालन के दौरान करदाताओं की लागत और समय को कम करने के अलावा बेहतर कर प्रशासन स्थापित करना है।
उन्होंने कहा, “वास्तव में, इस बजट में किए गए प्रावधान का उद्देश्य करदाताओं के लिए चीजों को और आसान बनाने तथा उनसे जुड़ना है।”
भाषा
रमण प्रेम
प्रेम

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