सार्वजनिक खरीद क्षमता बढ़ाने के लिए एआई का इस्तेमाल कर रहा है जीईएम : सीईओ
सार्वजनिक खरीद क्षमता बढ़ाने के लिए एआई का इस्तेमाल कर रहा है जीईएम : सीईओ
नयी दिल्ली, नौ जून (भाषा) सरकार के ई-मार्केटप्लेस मंच जीईएम ने सार्वजनिक खरीद में क्षमता, पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने के लिए कृत्रिम मेधा -आधारित टूल, आधुनिक विश्लेषण तरीकों और डिजिटल निगरानी प्रणाली का इस्तेमाल करना शुरू कर दिया है। एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी ने मंगलवार को यह जानकारी दी।
गवर्नमेंट ई-मार्केटप्लेस (जीईएम) के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) मिहिर कुमार ने यह भी कहा कि इस मंच ने सार्वजनिक खरीद को अधिक कुशल और पारदर्शी बनाकर सरकारी खजाने की लगभग आठ प्रतिशत धनराशि बचत करने में मदद की है।
उन्होंने यहां संवाददाताओं से कहा, ‘‘यह मंच खरीद प्रक्रियाओं में क्षमता, जवाबदेही और उपयोगकर्ता अनुभव को बेहतर बनाने के लिए कृत्रिम मेधा, आधुनिक विश्लेषण तरीकों, डिजिटल निगरानी प्रणाली और पारदर्शी नीलामी प्रक्रियाओं का इस्तेमाल कर रहा है।’’
उन्होंने आगे कहा कि कृत्रिम मेधा-एमएल (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस – मशीन लर्निंग) के इस्तेमाल से मंच को कीमतों के मामले में अधिक पारदर्शिता लाने में मदद मिल रही है।
जीईएम के ज़रिये वित्त वर्ष 2025-26 में 5.03 लाख करोड़ रुपये का लेन-देन हुआ, जो पिछले वित्त वर्ष की तुलना में 7.4 प्रतिशत कम है।
यह पोर्टल नौ अगस्त, 2016 को सभी केंद्र सरकार के मंत्रालयों और विभागों द्वारा सामान और सेवाओं की ऑनलाइन खरीद के लिए शुरु किया गया था।
उन्होंने कहा कि खरीद के अलावा, जीईएम ने सार्वजनिक सेवा वितरण की जरूरतों, खासकर स्वास्थ्य क्षेत्र में भी मदद की है।
भाषा राजेश राजेश अजय
अजय

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