डॉलर की मजबूती से सोना 1,600 रुपये टूटा, चांदी में 5,000 रुपये की गिरावट

डॉलर की मजबूती से सोना 1,600 रुपये टूटा, चांदी में 5,000 रुपये की गिरावट

डॉलर की मजबूती से सोना 1,600 रुपये टूटा, चांदी में 5,000 रुपये की गिरावट
Modified Date: September 24, 2026 / 07:46 pm IST
Published Date: September 24, 2026 7:46 pm IST

नयी दिल्ली, 24 सितंबर (भाषा) राष्ट्रीय राजधानी के सर्राफा बाजार में बृहस्पतिवार को सोने की कीमतों में 1,600 रुपये की गिरावट आई और यह 1.52 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गया। यह लगातार चौथा सत्र था जब सोने की कीमतों में गिरावट देखी गई, क्योंकि अमेरिकी डॉलर की मजबूती और कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी का असर इस कीमती धातु पर पड़ा।

स्थानीय कारोबारियों के अनुसार, 99.9 प्रतिशत शुद्धता वाले सोने की कीमत बुधवार के 1.54 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के बंद भाव से 1,600 रुपये टूटकर 1,52,400 रुपये प्रति 10 ग्राम (सभी करों सहित) रह गई।

वहीं, चांदी की कीमतों में भी गिरावट देखी गई। पिछले दो सत्रों में स्थिर रहने के बाद, चांदी 5,000 रुपये टूटकर 2.37 लाख रुपये प्रति किलोग्राम (सभी करों सहित) रह गई। पिछले सत्र में चांदी 2.42 लाख रुपये प्रति किलोग्राम पर बंद हुई थी।

कारोबारियों ने कहा कि सोने में लगातार बिकवाली के कारण इसकी कीमतों में गिरावट का सिलसिला जारी रहा। व्यापारियों ने इस कमजोरी के लिए कमजोर वैश्विक संकेतों और ऊंचे स्तर पर मुनाफावसूली को जिम्मेदार ठहराया।

चांदी पर अधिक असर पड़ा क्योंकि इसकी कीमतों में उतार-चढ़ाव अधिक होता है और औद्योगिक मांग से जुड़े होने के कारण इस पर बिकवाली का दबाव बढ़ गया, जिससे यह दिन के अंत में अपने पिछले बंद भाव से काफी नीचे रही।

उन्होंने कहा कि अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपये के 95.96 के स्तर तक गिरने से घरेलू बाजार में सोने-चांदी की कीमतों को कुछ सहारा मिला, जिससे गिरावट की सीमा सीमित रही।

एचडीएफसी सिक्योरिटीज के वरिष्ठ विश्लेषक (जिंस) सौमिल गांधी के अनुसार, कमजोर वैश्विक संकेतों और खुदरा मांग में कमी के बीच घरेलू सोने की कीमतों में गिरावट आई।

उन्होंने कहा कि मजबूत डॉलर और बॉण्ड प्रतिफल में बढ़ोतरी का असर कीमती धातुओं पर पड़ना जारी रहा।

यह दबाव विदेशी बाजारों में भी समान रूप से देखा गया, जहां हाजिर सोना 33.74 डॉलर (लगभग एक प्रतिशत) टूटकर 4,253.61 डॉलर प्रति औंस रह गया, जबकि चांदी 1.4 प्रतिशत टूटकर 63.56 डॉलर प्रति औंस रह गई।

कच्चे तेल की कीमतों में उछाल भी कीमती धातुओं के लिए एक और नकारात्मक कारक साबित हुआ।

भाषा राजेश राजेश अजय

अजय


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