सोने का आयात अप्रैल में 82 प्रतिशत बढ़ा, चांदी का आयात 157 प्रतिशत उछला

सोने का आयात अप्रैल में 82 प्रतिशत बढ़ा, चांदी का आयात 157 प्रतिशत उछला

सोने का आयात अप्रैल में 82 प्रतिशत बढ़ा, चांदी का आयात 157 प्रतिशत उछला
Modified Date: May 15, 2026 / 07:31 pm IST
Published Date: May 15, 2026 7:31 pm IST

नयी दिल्ली, 15 मई (भाषा) सोने की ऊंची कीमतों के बीच अप्रैल में भारत का सोने का आयात 81.69 प्रतिशत बढ़कर 5.62 अरब डॉलर हो गया। हालांकि, सरकार के आयात शुल्क बढ़ाने के बाद आने वाले महीनों में इसमें कमी आने की संभावना जताई गई है।

वाणिज्य मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, अप्रैल में चांदी का आयात 157.16 प्रतिशत बढ़कर 41.1 करोड़ डॉलर हो गया।

वित्त वर्ष 2025-26 में सोने का आयात मूल्य के लिहाज से 24 प्रतिशत बढ़कर रिकॉर्ड 71.98 अरब डॉलर पर पहुंच गया। हालांकि, मात्रा के लिहाज से आयात 4.76 प्रतिशत घटकर 721.03 टन रहा।

सरकार ने 13 मई से सोने और चांदी जैसी कीमती धातुओं पर आयात शुल्क छह प्रतिशत से बढ़ाकर 15 प्रतिशत कर दिया है।

वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल ने कहा कि आयात शुल्क बढ़ने से वर्ष के दौरान सोने और चांदी के आयात पर असर पड़ेगा और इनमें कमी आ सकती है।

उन्होंने कहा कि चांदी का औद्योगिक उपयोग अधिक होने के कारण उस पर शुल्क वृद्धि का असर अपेक्षाकृत कम हो सकता है।

अग्रवाल ने कहा कि शुल्क बढ़ने के बाद उपभोग आधारित मांग में कमी आने की उम्मीद है।

संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) से सोने के आयात के बारे में उन्होंने कहा कि 2025-26 में मूल्य और मात्रा दोनों के लिहाज से आयात घटा है, जिससे भारत के कुल स्वर्ण आयात में यूएई की हिस्सेदारी कम हुई है।

भारत-यूएई व्यापक आर्थिक भागीदारी समझौते (सीईपीए) के तहत रियायती शुल्क पर सोने के आयात के लिए शुल्क दर कोटा (टीआरक्यू) व्यवस्था लागू की गई थी। यह समझौता एक मई, 2022 से प्रभावी हुआ।

आंकड़ों के अनुसार, 2023-24 में कुल स्वर्ण आयात 795 टन और 2024-25 में 757 टन रहा। इनमें टीआरक्यू व्यवस्था के तहत आयात की हिस्सेदारी क्रमशः लगभग पांच प्रतिशत और 18 प्रतिशत रही।

वित्त वर्ष 2025-26 में इस व्यवस्था के तहत 8.58 टन सोना आयात की अनुमति दी गई थी, जबकि वित्त वर्ष 2024-25 में भारत ने कुल 721 टन सोना आयात किया।

वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल ने कहा, “मैं स्पष्ट करना चाहता हूं कि यूएई के साथ सीईपीए समझौते के तहत सोने पर दी गई शुल्क दर कोटा रियायत का 2025-26 में भारत के कुल स्वर्ण आयात पर कोई बड़ा असर नहीं पड़ा है।”

उन्होंने कहा कि इस समझौते के तहत 2025-26 में सोने के आयात के लिए जारी कुल टीआरक्यू केवल लगभग आठ टन के बराबर था और यह व्यवस्था जून 2026 तक वैध है।

अग्रवाल ने कहा, ’31 मार्च तक वास्तविक आयात लगभग एक टन सोना ही था। इसलिए सोने के आयात के मामले में यूएई सीईपीए का कोई खास प्रभाव नहीं पड़ा है।’

उन्होंने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में यूएई से सोने-चांदी आयात में हुई वृद्धि की भरपाई भारत के प्रमुख स्रोत स्विट्जरलैंड से सोना-चांदी का आयात बढ़ने से हो गई।

वाणिज्य सचिव ने कहा कि देश में शोधन के लिए सोने के डोर (अर्ध-शोधित सोना) का आयात सकारात्मक रुख बनाए हुए है और इसका कुल आयात सालाना लगभग 250-300 टन रहता है। यह आयात अफ्रीका, लैटिन अमेरिका और अमेरिका समेत कई स्रोतों से होता है।

इसी तरह, ऊंची कीमतों के कारण पिछले वित्त वर्ष में चांदी का आयात लगभग 150 प्रतिशत बढ़कर 12 अरब डॉलर हो गया। मात्रा के लिहाज से यह 42 प्रतिशत बढ़कर 7,334.96 टन रहा।

अप्रैल में सोने और चांदी के आयात में बढ़ोतरी से देश का व्यापार घाटा बढ़कर तीन महीने के उच्चस्तर 28.38 अरब डॉलर पर पहुंच गया।

राष्ट्रीय राजधानी में सोने की कीमत सभी करों सहित लगभग 1.56 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम और चांदी की कीमत लगभग 2.53 लाख रुपये प्रति किलोग्राम रही।

देश के कुल स्वर्ण आयात में स्विट्जरलैंड की हिस्सेदारी लगभग 40 प्रतिशत है। इसके बाद यूएई की हिस्सेदारी 16 प्रतिशत से अधिक और दक्षिण अफ्रीका की करीब 10 प्रतिशत है।

देश के कुल आयात में सोने की हिस्सेदारी पांच प्रतिशत से अधिक है। अप्रैल में स्विट्जरलैंड से कुल आयात 26.73 प्रतिशत बढ़कर 1.47 अरब डॉलर हो गया।

भारत चीन के बाद दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा सोना उपभोक्ता है। सोने का आयात मुख्य रूप से आभूषण उद्योग की मांग को पूरा करने के लिए किया जाता है।

भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के आंकड़ों के अनुसार, चालू खाते का घाटा अक्टूबर- दिसंबर तिमाही में बढ़कर 13.2 अरब डॉलर यानी सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) का 1.3 प्रतिशत हो गया। हालांकि, अप्रैल-दिसंबर 2025 के दौरान यह घटकर 30.1 अरब डॉलर यानी जीडीपी का एक प्रतिशत रहा।

भाषा योगेश रमण

रमण


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