सोना 1.62 लाख रुपये पर स्थिर, चांदी 1,000 रुपये मजबूत

सोना 1.62 लाख रुपये पर स्थिर, चांदी 1,000 रुपये मजबूत

सोना 1.62 लाख रुपये पर स्थिर, चांदी 1,000 रुपये मजबूत
Modified Date: May 18, 2026 / 06:44 pm IST
Published Date: May 18, 2026 6:44 pm IST

नई दिल्ली, 18 मई (भाषा) राष्ट्रीय राजधानी के सर्राफा बाजार में सोमवार को सोने की कीमतें 1.62 लाख रुपये प्रति 10 पर स्थिर रहीं, जबकि चांदी का भाव बढ़कर 2.76 लाख रुपये प्रति किलोग्राम हो गया। यह बढ़ोतरी चांदी के आयात पर ताजा अंकुश और रुपये में कमजोरी के कारण हुई।

अखिल भारतीय सर्राफा संघ के अनुसार, चांदी की कीमत में 1,000 रुपये की बढ़ोतरी हुई और यह शुक्रवार के बंद भाव 2,75,000 रुपये प्रति किलोग्राम से बढ़कर 2,76,000 रुपये प्रति किलोग्राम (सभी करों सहित) हो गई।

सर्राफा संघ के अनुसार, सर्राफा बाजार में 99.9 प्रतिशत शुद्धता वाले सोने की कीमत 1,62,800 रुपये प्रति 10 ग्राम पर अपरिवर्तित रही।

विश्लेषकों ने कहा कि वैश्विक बाजारों में कमजोरी के बावजूद घरेलू सर्राफा कीमतें अपेक्षाकृत स्थिर रहीं।

एचडीएफसी सिक्योरिटीज में वरिष्ठ विश्लेषक-जिंस सौमिल गांधी ने कहा कि घरेलू बाजार में सोने की कीमतें सोमवार को स्थिर रहीं। पिछले सत्र में अंतरराष्ट्रीय सर्राफा बाजार में कमजोरी के चलते भारी बिकवाली हुई थी, जिसके बाद यह स्थिति बनी।

हालांकि, स्थानीय कीमतों में गिरावट सीमित रही, क्योंकि भारतीय रुपया, अमेरिकी डॉलर के मुकाबले और कमजोर होकर रिकॉर्ड निचले स्तर लगभग 96.37 पर पहुंच गया। उन्होंने कहा कि कमजोर रुपये ने घरेलू सोने की कीमतों में गिरावट को थामने में मदद की।

बाजार प्रतिभागियों ने केंद्र सरकार के उस फैसले पर भी प्रतिक्रिया दी, जिसमें चांदी के लगभग सभी रूपों के आयात पर तत्काल अंकुश लगाने का निर्णय लिया गया है। इस कदम का उद्देश्य रुपये पर दबाव कम करना और गैर-जरूरी आयात पर अंकुश लगाना है।

गांधी ने कहा, ‘‘इस कदम से चांदी का आयात कम होने और घरेलू उपलब्धता सीमित होने की उम्मीद है, जिससे स्थानीय बाजार में प्रीमियम बढ़ सकता है।’’

अंतरराष्ट्रीय बाजार में, हाजिर सोना मामूली गिरावट के साथ 4,535.23 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार कर रहा था, जबकि चांदी लगभग एक प्रतिशत टूटकर 75.42 डॉलर प्रति औंस रह गई।

मिराए एसेट शेयरखान में जिंस प्रमुख प्रवीण सिंह ने कहा कि सोमवार को हाजिर सोने की कीमतों में गिरावट आई, क्योंकि डॉलर और तेल की कीमतों ने पिछले सप्ताह की अपनी बढ़त को आगे जारी रखा। इस बीच, अमेरिका-चीन शिखर सम्मेलन कुछ हद तक सकारात्मक माहौल में समाप्त हुआ, क्योंकि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने प्रौद्योगिकी, व्यापार और शुल्क जैसे विवादित मुद्दे नहीं उठाए।

सिंह ने आगे कहा, ‘‘नतीजतन, वैश्विक बॉन्ड प्रतिफल में तेज़ी आई, जिससे सोने पर बिकवाली का दबाव और बढ़ गया।’’

एलकेपी सिक्योरिटीज के शोध विश्लेषण (जिंस और मुद्रा) विभाग के उपाध्यक्ष, जतिन त्रिवेदी के अनुसार, निवेशक अमेरिका-ईरान के बीच चल रहे घटनाक्रमों के साथ-साथ रुपये-डॉलर की चाल पर भी नजर बनाए हुए हैं, जिससे सर्राफा बाजारों में उतार-चढ़ाव बना हुआ है।

भाषा राजेश राजेश अजय

अजय


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