Amit Shah in Ujar Bastar: ‘नक्सलवाद ने एक नहीं बल्कि तीन-तीन पीढ़ियों को प्रभावित किया, यह लंबा दौर किसी बुरे सपने जैसा’.. जानें बस्तर पहुचें शाह ने किया किन बातों का जिक्र

Amit Shah Full Speech in Ujar Bastar: अमित शाह ने बस्तर में नक्सलवाद को बुरा सपना बताते हुए विकास और पुनर्वास योजनाओं का जिक्र किया।

Amit Shah in Ujar Bastar: ‘नक्सलवाद ने एक नहीं बल्कि तीन-तीन पीढ़ियों को प्रभावित किया, यह लंबा दौर किसी बुरे सपने जैसा’.. जानें बस्तर पहुचें शाह ने किया किन बातों का जिक्र

Amit Shah Full Speech in Ujar Bastar || Image- AMIT SHAH Youtube File

Modified Date: May 18, 2026 / 05:33 pm IST
Published Date: May 18, 2026 5:27 pm IST
HIGHLIGHTS
  • अमित शाह ने नक्सलवाद को तीन पीढ़ियों का बुरा सपना बताया।
  • बस्तर में विकास और आदिवासी सुविधाओं पर सरकार का फोकस।
  • 3 हजार युवाओं के पुनर्वास और शिक्षा पर काम जारी।

बस्तर: माओवाद के अंत के बाद पहली बार बस्तर पहुंचे केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने यहां ‘उजर बस्तर’ कार्यक्रम में शिरकत की। (Amit Shah Full Speech in Ujar Bastar) उनके साथ छत्तीसगढ़ प्रदेश के सीएम विष्णुदेव साय और राज्य के गृहमंत्री विजय शर्मा भी मौजूद रहें।

नक्सलवाद का दौर किसी बुरे सपने जैसा: अमित शाह

इस दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने जनसभा को सम्बोधित भी किया। उन्होंने कहा “देश का शायद ही कोई ऐसा हिस्सा होगा जिसके सैनिकों ने नक्सलवाद का सामना करते हुए अपने प्राणों की आहुति न दी हो। 1971 से 31 मार्च 2026 तक का यह लंबा दौर देशवासियों के लिए किसी बुरे सपने जैसा रहा है।”

शाह ने आगे कहा, “नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के लिए इसका अर्थ था भीषण रक्तपात, विकास में अंधकार और युवाओं के लिए अंधकारमय भविष्य। यही स्थिति थी। नक्सलवाद केवल एक स्थानीय मुद्दा नहीं था; मेरे गृह राज्य गुजरात और कई अन्य राज्यों ने भी इसे गहरी चिंता और संवेदनशीलता के साथ देखा। (Amit Shah Full Speech in Ujar Bastar) यह कोई छोटी अवधि नहीं है, यह तीन पीढ़ियों तक फैली हुई है। 1970 से 31 मार्च 2026 तक तीन पीढ़ियां इसकी छाया में गुजरी हैं। आज मुझे बहुत खुशी है कि एक ऐसा लक्ष्य हासिल कर लिया गया है जो एक जीवनकाल में संभव नहीं था।”

गृह मंत्री ने कहा कि नक्सलवाद खत्म करने का मकसद केवल नक्सलियों को खत्म करना नहीं, बल्कि इस क्षेत्र के गरीब आदिवासियों तक शहरों जैसी सुविधाएं पहुंचाना है। उन्होंने बताया कि ‘नियद नेल्लानार’ योजना के तहत गांव-गांव में सस्ते राशन की दुकानें खोली जा रही हैं। साथ ही प्राथमिक स्कूल, पीने के पानी की व्यवस्था, आधार कार्ड और राशन कार्ड जैसी सुविधाएं भी लोगों तक पहुंचाई जा रही हैं।

3 हजार युवाओं के पुनर्वास पर जारी है काम

अमित शाह ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार और केंद्र सरकार मिलकर करीब 3 हजार युवाओं के पुनर्वास पर काम कर रही हैं। इनमें से लगभग 2 हजार युवा पूरी तरह अशिक्षित हैं। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के स्वयंसेवक उन्हें पढ़ना-लिखना सिखा रहे हैं ताकि वे मुख्यधारा से जुड़ सकें।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी निर्देश दिया है कि नक्सलवाद खत्म होने के बाद भी विकास कार्य तेजी से जारी रहने चाहिए। अगले पांच वर्षों में इन गांवों को पूरी तरह विकसित और आत्मनिर्भर आदिवासी क्षेत्रों में बदलने का लक्ष्य रखा गया है।

गृह मंत्री ने कहा कि डेयरी उद्योग और वन उत्पादों के जरिए बस्तर में रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। (Amit Shah Full Speech in Ujar Bastar) उन्होंने दावा किया कि देश के बाकी हिस्सों में आजादी 77-78 साल पहले आई थी, लेकिन बस्तर में असली आजादी अब महसूस हो रही है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि केंद्र और राज्य सरकार मिलकर इस क्षेत्र के विकास में कोई कमी नहीं छोड़ेंगी और नक्सलवाद से हुए नुकसान की भरपाई तेजी से की जाएगी।

‘जन जन सुविधा केंद्र’ का उद्घाटन

इससे पहले केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सोमवार को छत्तीसगढ़ के नेतानार गांव में ‘जन जन सुविधा केंद्र’ मॉडल का उद्घाटन किया। यह केंद्र पहले 2013 से सुरक्षा चौकी के रूप में काम कर रहा था, जिसे अब आदिवासी समुदाय के लिए सेवा और कल्याण केंद्र में बदल दिया गया है।

इस मौके पर अमित शाह ने कहा कि यह दिन ऐतिहासिक है और अगले छह महीनों में यह केंद्र आदिवासी समाज की गतिविधियों से पूरी तरह जीवंत नजर आएगा। उन्होंने कहा कि यह स्थान शहीद वीर गुंडा धुर की कर्मभूमि है और देश के हर नागरिक के लिए प्रेरणास्थल है।

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