सरकार ने खादी एवं ग्रामोद्योग आयोग अधिनियम में संशोधन के प्रस्ताव को मंजूरी दी

सरकार ने खादी एवं ग्रामोद्योग आयोग अधिनियम में संशोधन के प्रस्ताव को मंजूरी दी

सरकार ने खादी एवं ग्रामोद्योग आयोग अधिनियम में संशोधन के प्रस्ताव को मंजूरी दी
Modified Date: June 30, 2026 / 08:50 pm IST
Published Date: June 30, 2026 8:50 pm IST

नयी दिल्ली, 30 जून (भाषा) सरकार ने खादी एवं ग्रामोद्योग आयोग (केवीआईसी) अधिनियम, 1956 में संशोधन के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है, जिसका उद्देश्य खादी और ग्रामोद्योग (केवीआई) क्षेत्र के लिए कानूनी ढांचे का आधुनिकीकरण करना है। सूक्ष्म, लघु एवं मझोला उद्यम (एमएसएमई) मंत्रालय ने मंगलवार को यह जानकारी दी।

प्रस्तावित संशोधनों का उद्देश्य अधिनियम को मौजूदा आर्थिक और ग्रामीण विकास प्राथमिकताओं के अनुरूप बनाना, संस्थागत शासन को मजबूत करना, समावेशन को बढ़ावा देना, ग्रामीण उद्यमों को संगठित करना तथा देश-विदेश में ग्रामोद्योगों की प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ाना है।

मंत्रालय के अनुसार, ये संशोधन सरकार के समावेशी और सतत ग्रामीण आर्थिक विकास के दृष्टिकोण के अनुरूप हैं।

प्रस्तावित प्रमुख बदलावों में ‘ग्रामीण क्षेत्र’ की परिभाषा को “विकसित भारत-गारंटी फॉर रोजगार और आजीविका मिशन (ग्रामीण): वीबी-जी राम जी अधिनियम, 2025” के प्रावधानों के अनुरूप करने का सुझाव शामिल है, जिससे ग्रामीण विकास कार्यक्रमों के साथ बेहतर समन्वय संभव होगा और समावेशन बढ़ेगा।

इसके अलावा, प्रत्येक कारीगर या श्रमिक के लिए स्थिर पूंजी निवेश की सीमा को सूक्ष्म उद्यमों के लिए सूक्ष्म, लघु एवं मझोले उद्यम (एमएसएमई) विकास अधिनियम के तहत निर्धारित निवेश मानकों के अनुरूप बढ़ाने का प्रस्ताव है।

मंत्रालय ने कहा कि यह संशोधन ग्रामोद्योगों की वर्तमान आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए किया गया है, जिससे पात्र उद्यमों को एमएसएमई क्षेत्र की विभिन्न सुविधाओं का लाभ मिल सकेगा।

खादी एवं ग्रामोद्योग क्षेत्र की प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ाने के लिए संशोधनों में ब्रांडिंग, निर्यात, नवाचार, मानकीकरण, डिजिटलीकरण और भौगोलिक संकेतक (जीआई) संरक्षण पर विशेष जोर दिया गया है।

मंत्रालय ने कहा कि इन कदमों से खादी और ग्रामोद्योग उत्पादों की देश और विदेश दोनों बाजारों में उपस्थिति मजबूत होगी।

भाषा योगेश अजय

अजय


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