सरकार का अंत्योदय परिवारों को प्रति व्यक्ति सात किलोग्राम खाद्यान्न देने पर विचार
सरकार का अंत्योदय परिवारों को प्रति व्यक्ति सात किलोग्राम खाद्यान्न देने पर विचार
नयी दिल्ली, 25 जून (भाषा) सरकार अंत्योदय अन्न योजना (एएवाई) के तहत प्रति व्यक्ति प्रति माह खाद्यान्न की मात्रा को सात किलोग्राम करने पर विचार कर रही है। हालांकि, इसकी अधिकतम सीमा 35 किलोग्राम ही रहेगी। इस कदम से बड़े गरीब परिवारों को लाभ होगा।
खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग ने राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम, 2013 में संशोधन का प्रस्ताव रखा है। खाद्य मंत्रालय ने राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा (संशोधन) विधेयक, 2026 पर 13 जुलाई तक आम लोगों से सुझाव और टिप्पणियां मांगी हैं।
मौजूदा कानून के तहत एएवाई परिवारों (जिन्हें सबसे गरीब श्रेणी में रखा गया है) को परिवार के आकार पर विचार किए बिना प्रति माह 35 किलोग्राम खाद्यान्न दिया जाता है। इसके विपरीत, प्राथमिकता वाले परिवारों को प्रति व्यक्ति प्रति माह पांच किलोग्राम खाद्यान्न मिलता है।
इस व्यवस्था के कारण बड़े एएवाई परिवारों को प्रति व्यक्ति आधार पर प्राथमिकता वाले परिवारों की तुलना में कम खाद्यान्न मिलता है, जबकि प्राथमिकता वाले परिवारों को एएवाई लाभार्थियों से कम संवेदनशील माना जाता है।
मंत्रालय के अनुसार, ‘‘ अंत्योदय अन्न योजना के तहत परिवार आधारित मौजूदा खाद्यान्न अधिकार को सबसे कमजोर परिवारों की सुरक्षा के उद्देश्य से बनाया गया था, लेकिन परिवार के आकार के आधार पर इसमें महत्वपूर्ण असमानताएं उत्पन्न हो जाती हैं।’’
प्रस्तावित व्यवस्था के तहत दो सदस्य वाले एएवाई परिवार को प्रति माह 14 किलोग्राम खाद्यान्न मिलेगा, जबकि पांच या उससे अधिक सदस्यों वाले परिवारों को मौजूदा अधिकतम सीमा के अनुसार 35 किलोग्राम खाद्यान्न मिलेगा।
छोटे परिवारों को कुल मात्रा के लिहाज से बहुत अधिक बदलाव नहीं दिखेगा, लेकिन बड़े परिवारों को लाभ होगा क्योंकि खाद्यान्न आवंटन परिवार के आकार के अनुसार बढ़ेगा।
सरकार ने इस संशोधन को खाद्य और पोषण सुरक्षा को मजबूत करने की व्यापक पहल का हिस्सा बताया है। इसका उद्देश्य ‘‘मानव जीवन-चक्र दृष्टिकोण’’ के तहत लोगों को किफायती दरों पर पर्याप्त मात्रा में गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराना है, जो राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम, 2013 के उद्देश्यों के अनुरूप है।
प्राथमिकता वाले परिवारों और अंत्योदय अन्न योजना के लाभार्थियों को वर्तमान में चावल और गेहूं नि:शुल्क वितरित दिया जाता है।
भाषा निहारिका अजय
अजय

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