सरकार ने लकड़ी की ब्रिकेट के निर्यात पर अंकुश लगाया

सरकार ने लकड़ी की ब्रिकेट के निर्यात पर अंकुश लगाया

सरकार ने लकड़ी की ब्रिकेट के निर्यात पर अंकुश लगाया
Modified Date: April 6, 2026 / 08:22 pm IST
Published Date: April 6, 2026 8:22 pm IST

नयी दिल्ली, छह अप्रैल (भाषा) सरकार ने पश्चिम एशिया संकट के बीच जलाऊ लकड़ी के पर्यावरण-अनुकूल विकल्प ‘मशीन से दबाकर बनाई गई बुरादे की ईंटों’ (लकड़ी की ब्रिकेट) के निर्यात पर सोमवार को तत्काल प्रभाव से अंकुश लगा दिया है।

पहले इस उत्पाद के निर्यात पर कोई अंकुश नहीं था। अब किसी भी निर्यातक को इसे विदेश भेजने के लिए सरकार से अनुमति या लाइसेंस की आवश्यकता होगी।

दूसरी ओर, सरकार ने ‘लकड़ी के बुरादे, लकड़ी के अपशिष्ट और कबाड़, जिनसे लट्ठे, ब्रिकेट या छोटी गोलियां बनाई जाती हैं’ के निर्यात पर लगी पाबंदी में ढील दी है। पहले इन वस्तुओं के निर्यात पर पूरी तरह प्रतिबंध था।

विदेश व्यापार महानिदेशालय (डीजीएफटी) ने एक अधिसूचना में कहा, ‘इन वस्तुओं की निर्यात नीति में तत्काल प्रभाव से बदलाव किया गया है। इसके तहत इन्हें ‘प्रतिबंधित’ और ‘मुक्त’ की श्रेणियों से बदलकर अब ‘सीमित’ श्रेणी में डाल दिया गया है। अब इनका निर्यात केवल विशेष निर्यात अनुमति पत्र के तहत ही किया जा सकेगा।’

पश्चिम एशिया संकट के कारण ‘होर्मुज जलडमरूमध्य’ से तेल और गैस ले जाने वाले जहाजों की आवाजाही बाधित हुई है। इससे रसोई गैस की आपूर्ति को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं।

पिछले महीने भारत ने खाड़ी देशों से ऊर्जा आपूर्ति प्रभावित होने के चलते घरेलू उपयोग के लिए केरोसिन और होटलों के लिए कोयले के उपयोग की अस्थायी तौर पर फिर से अनुमति दी थी।

भाषा सुमित अजय

अजय


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