सरकार ने ‘वन स्टार एक्सपोर्ट हाउस’ के लिए पात्रता की शर्त को आसान बनाया
सरकार ने 'वन स्टार एक्सपोर्ट हाउस' के लिए पात्रता की शर्त को आसान बनाया
नयी दिल्ली, 21 अगस्त (भाषा) सरकार ने निर्यातकों के लिए ‘वन स्टार एक्सपोर्ट हाउस’ का दर्जा हासिल करने की पात्रता शर्त शुक्रवार को आसान कर दी। अब निर्यातकों के लिए पिछले लगातार तीन वित्त वर्षों में से किसी भी दो वर्ष में तय निर्यात प्रदर्शन को हासिल करना पर्याप्त होगा।
इसके पहले, निर्यातकों को यह दर्जा पाने के लिए पिछले तीनों वित्त वर्षों में निर्धारित निर्यात प्रदर्शन को दिखाना जरूरी होता था।
विदेश व्यापार महानिदेशालय (डीजीएफटी) ने विदेश व्यापार नीति (एफटीपी) में संशोधन करते हुए कहा कि रत्न एवं आभूषण क्षेत्र को छोड़कर उन आवेदकों को ‘वन स्टार एक्सपोर्ट हाउस’ का दर्जा दिया जा सकेगा, जिन्होंने पिछले तीन में से किसी भी दो वित्त वर्षों में निर्धारित निर्यात प्रदर्शन किया हो।
हालांकि, रत्न एवं आभूषण क्षेत्र इस बदलाव के दायरे में नहीं आएगा। इसकी वजह यह है कि विदेश व्यापार नीति 2023 के तहत इस क्षेत्र के लिए पहले से ही दो साल के निर्यात प्रदर्शन की शर्त रखी गई है।
निर्यात प्रदर्शन के आधार पर पात्र आवेदकों को डीजीएफटी की ओर से ‘वन स्टार’, ‘टू स्टार’, ‘थ्री स्टार’, ‘फोर स्टार’ और ‘फाइव स्टार’ एक्सपोर्ट हाउस का दर्जा दिया जाता है।
दर्जा प्राप्त निर्यातकों को कई गैर-वित्तीय सुविधाएं मिलती हैं, जिनमें आयात और निर्यात के लिए स्व-उद्घोषणा के आधार पर सीमा शुल्क मंजूरी शामिल है।
डीजीएफटी ने एक अलग व्यापार नोटिस में अग्रिम प्राधिकार और निर्यात प्रोत्साहन पूंजीगत उत्पाद (ईपीसीजी) के प्राधिकार से जुड़े मामलों में निर्यात दायित्व पूरा करने की अवधि बढ़ाने के लिए स्वचालित सुविधा शुरू करने की जानकारी दी। इन मामलों पर नीति में छूट पर विचार करने वाली समिति (पीआरसी) और ईपीसीजी समिति विचार करती हैं।
ये समितियां डीजीएफटी की निर्णय लेने वाली शीर्ष संस्थाएं हैं और ऐसे मामलों में निर्यातकों के राहत, नीतिगत छूट और अवधि बढ़ाने के अनुरोधों पर विचार करती हैं, जहां व्यापार नीति के कड़े प्रावधानों से वास्तव में मुश्किल पैदा होती है।
भाषा प्रेम प्रेम रमण
रमण

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