सरकार ने समुद्री मार्ग से माल ढुलाई पर एकीकृत जीएसटी से छूट दी
सरकार ने समुद्री मार्ग से माल ढुलाई पर एकीकृत जीएसटी से छूट दी
नयी दिल्ली, 27 सितंबर (भाषा) सरकार ने समुद्री मार्ग से आयातित माल के लिये होने वाले भुगतान को पांच प्रतिशत एकीकृत माल एवं सेवा कर (आईजीएसटी) से छूट दी है।
वित्त मंत्रालय ने आयातित वस्तुओं पर ‘समुद्री मार्ग से माल ढुलाई’ पर एकीकृत जीएसटी के भुगतान के संबंध में आईजीएसटी (एकीकृत माल एवं सेवा कर) अधिनियम में बदलाव को एक अक्टूबर से अधिसूचित किया है।
फिलहाल, आयातकों को ‘रिवर्स चार्ज मैकेनिज्म’ के तहत पांच प्रतिशत जीएसटी देना होता है। रिवर्स चार्ज यानी उलट शुल्क ढांचे के तहत कर जमा करने की जिम्मेदारी आपूर्तिकर्ता के बजाय माल प्राप्त करने वालों पर होती है।
केपीएमजी में अप्रत्यक्ष कर मामलों के प्रमुख और भागीदार अभिषेक जैन ने कहा कि प्रस्तावित संशोधन मोहित मिनरल्स के मामले में शीर्ष अदालत के फैसले के अनुरूप है। यह इस मामले में सरकार के रुख को स्पष्ट करने में मदद करता है।
जैन ने कहा, ‘‘हालांकि इसे आगे की तिथि से जारी किया गया है, उद्योग उन मामलों में पिछली अवधि के लिये पहले से दिए जा चुके कर की वापसी की मांग कर रहा है, जहां ‘क्रेडिट’ का लाभ नहीं लिया गया है।’’
मोहित मिनरल्स मामले में उच्चतम न्यायालय ने अपना फैसला सुनाते हुए पिछले साल मई में कहा था कि चूंकि देश में आयातक ‘समग्र आपूर्ति’ पर आईजीएसटी का भुगतान करने को जवाबदेह हैं, ऐसे में पोत परिवहन के जरिये सेवाओं की आपूर्ति के लिये भारतीय आयातक पर एक अलग शुल्क जीएसटी अधिनियम का उल्लंघन होगा।
मोहित मिनरल्स मामले में, कंपनी ने समुद्री मार्ग से माल ढुलाई पर आईजीएसटी लगाने के संबंध में केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर और सीमा शुल्क बोर्ड (सीबीआईसी) की अधिसूचना की वैधता को गुजरात उच्च न्यायालय में चुनौती दी थी। शीर्ष अदालत ने उच्च न्यायालय के फैसले को बरकरार रखा।
भाषा रमण अजय
अजय

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