सरकार ने विधिक मापन सत्यापन बुनियादी ढांचे को मज़बूत किया: जोशी

सरकार ने विधिक मापन सत्यापन बुनियादी ढांचे को मज़बूत किया: जोशी

सरकार ने विधिक मापन सत्यापन बुनियादी ढांचे को मज़बूत किया: जोशी
Modified Date: May 20, 2026 / 06:56 pm IST
Published Date: May 20, 2026 6:56 pm IST

नयी दिल्ली, 20 मई (भाषा) खाद्य और उपभोक्ता मामलों के मंत्री प्रह्लाद जोशी ने बुधवार को कहा कि सरकार ने भारत के विधिक मापन सत्यापन बुनियादी ढांचे को मजबूत किया है और सटीक माप के महत्व पर जोर दिया है।

एक सरकारी बयान के अनुसार, उपभोक्ता मामलों के विभाग ने बुधवार को विश्व मापतौल दिवस 2026 मनाया, जो 20 मई, 1875 को पेरिस में हस्ताक्षरित ऐतिहासिक ‘मीटर कन्वेंशन’ की 151वीं वर्षगांठ का प्रतीक है।

इस वर्ष के विश्व मापतौल का विषय है: ‘मापतौल: नीति निर्माण में विश्वास का निर्माण।’

जोशी ने अपने वर्चुअल संबोधन में निष्पक्षता, उपभोक्ता संरक्षण, वैज्ञानिक विश्वसनीयता और पारदर्शी शासन सुनिश्चित करने में मापतौल की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला।

इस वर्ष के विषय का उल्लेख करते हुए, मंत्री ने जोर देकर कहा कि ‘‘सटीक और विश्वसनीय माप प्रभावी सार्वजनिक नीति, व्यापार, स्वास्थ्य सेवा, पर्यावरण संरक्षण और औद्योगिक विकास की रीढ़ होते हैं।’’

जोशी ने बताया कि विभाग ने पात्र निजी संस्थाओं को 40 ‘सरकारी अनुमोदित परीक्षण केंद्र’ (जीएटीसी) प्रमाण पत्र जारी करके भारत के विधिक मापन सत्यापन बुनियादी ढांचे को मजबूत किया गया है।

उन्होंने विभाग द्वारा किए गए कई प्रमुख सुधारों पर प्रकाश डाला।

इनमें ‘जन विश्वास (प्रावधानों में संशोधन) अधिनियम, 2026’ के तहत छोटे अपराधों को अपराध की श्रेणी से बाहर करना, कुछ छोटे उल्लंघनों के लिए सुधार नोटिस जारी करना, और ‘कारोबार सुगमता’ को बेहतर बनाने के लिए लाइसेंसिंग व्यवस्था से पंजीकरण-आधारित प्रणाली की ओर बदलाव शामिल हैं।

उपभोक्ता मामलों के विभाग की सचिव निधि खरे ने बताया कि विभाग ने श्वास की जांच, नमी मापने वाले यंत्र, गैस मीटर और वाहनों की गति मापने वाले रडार उपकरणों के लिए नियम अधिसूचित कर दिए हैं।

भाषा राजेश राजेश अजय

अजय


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