सरकार ने हब-एंड-स्पोक मॉडल पर अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के संचालन का एसओपी जारी किया
सरकार ने हब-एंड-स्पोक मॉडल पर अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के संचालन का एसओपी जारी किया
नयी दिल्ली, 29 अप्रैल (भाषा) नागर विमानन मंत्रालय ने विमानों के संचालन का हब-एंड-स्पोक (एचएंडएस) मॉडल लागू करने के लिए मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) जारी की है, जिससे यात्रियों के लिए घरेलू से अंतरराष्ट्रीय यात्रा के बीच जुड़ना अधिक सुगम होगा।
एचएंडएस मॉडल के तहत छोटे हवाई अड्डों यानी स्पोक से यात्री बड़े हवाईअड्डों यानी हब के जरिए अंतरराष्ट्रीय गंतव्यों तक पहुंच सकेंगे।
सूत्रों ने कहा कि एयर इंडिया जून से इस विमानन मॉडल पर आधारित परीक्षण शुरू कर सकती है।
एक सूत्र ने बताया कि एक जून से वाराणसी से इस मॉडल के तहत उड़ानों का परीक्षण शुरू हो सकता है, जिसमें यात्री पहले दिल्ली और फिर वहां से लंदन के लिए उड़ान भरेंगे।
मंत्रालय की तरफ से 27 अप्रैल को जारी एसओपी के अनुसार, यात्रियों का आव्रजन और सीमा शुल्क मंजूरी यात्रा की शुरुआत वाले हवाई अड्डे और अंतिम गंतव्य पर होगा जबकि हब एयरपोर्ट पर उनका सामान बाहर निकाले बगैर सीधे अगली उड़ान में भेज दिया जाएगा।
नियमों के तहत, अंतरराष्ट्रीय चरण की यात्रा करने वाले भारतीय यात्रियों के लिए डिजियात्रा ऐप में नामांकन अनिवार्य होगा। वहीं, घरेलू से अंतरराष्ट्रीय यात्रियों के लिए इन उड़ानों में वेब चेक-इन और ई-बोर्डिंग पास की सुविधा उपलब्ध नहीं होगी।
यात्रियों को ‘डी’ (घरेलू और ‘आई’ (अंतरराष्ट्रीय) संकेत वाले दो अलग-अलग बोर्डिंग पास दिए जाएंगे, जिससे यात्रियों की पहचान और आवाजाही को अलग-अलग रखना आसान होगा।
एसओपी के तहत एयरलाइंस को हब एयरपोर्ट पर समर्पित नोडल अधिकारी नियुक्त करने होंगे, जिनकी जिम्मेदारी यात्रियों की पहचान सुनिश्चित करना और घरेलू एवं अंतरराष्ट्रीय यात्रियों के मिश्रण को रोकने की होगी।
नागर विमानन मंत्रालय ने कहा कि एचएंडएस मॉडल यात्रियों के ‘ट्रांसफर’ को आसान बनाने, ‘टर्नअराउंड’ समय घटाने और घरेलू एवं अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क कनेक्टिविटी को बेहतर करने में मदद करेगा।
एयर इंडिया ने कहा कि यह मॉडल देश के विमानन क्षेत्र को केवल अंतिम गंतव्य वाले बाजार से आगे बढ़ाकर वैश्विक ट्रांजिट हब में बदलने की दिशा में एक अहम कदम होगा।
भाषा प्रेम प्रेम रमण
रमण

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