Shyam Manav Vs Dhirendra Shastri: अपनी समिति बंद कर बनूंगा अनुयायी.. इस शख्स ने धीरेंद्र शास्त्री को फिर दी चुनौती.. इतने लाख रुपए बढ़ाई इनाम राशि, जानिए क्या-क्या हैं शर्तें?

अपनी समिति बंद कर बनूंगा अनुयायी.. इस शख्स ने धीरेंद्र शास्त्री को फिर दी चुनौती.. इतने लाख रुपए बढ़ाई इनाम राशि, Shyam Manav Vs Dhirendra Shastri

Shyam Manav Vs Dhirendra Shastri: अपनी समिति बंद कर बनूंगा अनुयायी.. इस शख्स ने धीरेंद्र शास्त्री को फिर दी चुनौती.. इतने लाख रुपए बढ़ाई इनाम राशि, जानिए क्या-क्या हैं शर्तें?
Modified Date: April 29, 2026 / 10:11 pm IST
Published Date: April 29, 2026 10:11 pm IST
HIGHLIGHTS
  • नागपुर में ‘श्रद्धा बनाम अंधश्रद्धा’ पर विवाद फिर गरमाया
  • धीरेंद्र शास्त्री की खुली चुनौती के बाद श्याम मानव का 80 लाख का इनाम
  • मामला अब सामाजिक बहस का रूप ले चुका है

नागपुर। Shyam Manav Vs Dhirendra Shastri बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री और अंधश्रद्धा निर्मूलन समिति के कार्याध्यक्ष श्याम मानव के बीच विवाद एक बार फिर सुर्खियों में है। दोनों के बीच बयानबाजी तेज हो गई है, जिससे नागपुर समेत पूरे प्रदेश में ‘श्रद्धा बनाम अंधश्रद्धा’ की बहस छिड़ गई है।

Shyam Manav Vs Dhirendra Shastri दरअसल, नागपुर के रेशिमबाग में 25 से 30 अप्रैल तक बागेश्वर महाराज की रामकथा चल रही है। इसी दौरान धीरेंद्र शास्त्री ने अपने विरोधियों को खुली चुनौती दी। उन्होंने कहा कि वे पांच दिन तक नागपुर में ही रहेंगे और जिसे भी कोई संदेह हो, वह आकर खुद देख सकता है। शास्त्री ने ‘दिव्य दरबार’ लगाने की बात कही और दावा किया कि वे अपनी शक्ति का प्रदर्शन करेंगे। शास्त्री की इस चुनौती के बाद अंधश्रद्धा निर्मूलन समिति भी सक्रिय हो गई है।

श्याम मानव ने फिर रखी ये शर्त (Shyam Manav Vs Dhirendra Shastri)

समिति के नेता श्याम मानव ने पहले घोषित 30 लाख रुपये के इनाम को बढ़ाकर 80 लाख रुपये कर दिया है। उन्होंने शास्त्री से सार्वजनिक रूप से अपनी कथित शक्तियों को साबित करने की मांग की है। श्याम मानव का कहना है कि शास्त्री किसी अनजान व्यक्ति का नाम, मोबाइल नंबर या घर से जुड़ी जानकारी सही-सही बताकर दिखाएं। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि यदि शास्त्री 90 प्रतिशत तक सटीक साबित होते हैं, तो वे अपनी समिति बंद करने और उनके अनुयायी बनने को भी तैयार हैं। हालांकि, उन्होंने शास्त्री पर लोगों को भ्रमित करने का आरोप भी लगाया है।

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सवाल आपका है.. पत्रकारिता के माध्यम से जनसरोकारों और आप से जुड़े मुद्दों को सीधे सरकार के संज्ञान में लाना मेरा ध्येय है। विभिन्न मीडिया संस्थानों में 10 साल का अनुभव मुझे इस काम के लिए और प्रेरित करता है। कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय से इलेक्ट्रानिक मीडिया और भाषा विज्ञान में ली हुई स्नातकोत्तर की दोनों डिग्रियां अपने कर्तव्य पथ पर आगे बढ़ने के लिए गति देती है।