सरकार की कंपनी कानून के तहत विवरण दाखिल करने की प्रक्रिया को तर्कसंगत बनाने की योजना
सरकार की कंपनी कानून के तहत विवरण दाखिल करने की प्रक्रिया को तर्कसंगत बनाने की योजना
नयी दिल्ली, 17 अप्रैल (भाषा) कॉरपोरेट मामलों का मंत्रालय संबंधित पक्षों से सुझाव प्राप्त करने के बाद कंपनी कानून के तहत फॉर्म को एकीकृत करने सहित विवरण दाखिल करने की रूपरेखा को युक्तिसंगत बनाने की योजना बना रहा है।
इसके तहत विभिन्न दस्तावेजों के एकीकरण सहित अन्य सुधारों पर विचार किया जा रहा है।
मंत्रालय ने यह पहल हितधारकों से सुझाव लेने के बाद शुरू की है।
मंत्रालय के अनुसार, भारतीय कॉरपोरेट कार्य संस्थान (आईआईसीए) के माध्यम से विभिन्न शहरों में संबंधित पक्षों के साथ परामर्श प्रक्रिया जारी है, जिसका उद्देश्य कॉरपोरेट अनुपालन ढांचे में सुधार करना है।
मंत्रालय ने कहा कि इस परामर्श का मुख्य उद्देश्य कंपनी अधिनियम, 2013 के तहत कॉरपोरेट मामलों के मंत्रालय में विवरण जमा करने की प्रक्रिया को सरल बनाना, विभिन्न फॉर्म का एकीकरण, डेटा आधारित प्रणाली की ओर बढ़ना, सीधे प्रसंस्करण प्रणाली (एसटीपी) का विस्तार करना और एमसीए21 संस्करण 3 के तहत ऐसे उपयोगकर्ता संपर्क माध्यम को अपनाना है जिसमें जानकारी पहले से भरी हो और उपयोगकर्ता आसानी से संवाद के माध्यम से विवरण भर सके।
संबंधित पक्ष 15 मई तक अपने सुझाव भेज सकते हैं।
इसके अलावा, मंत्रालय कंपनी (गठन) नियम, 2014 की व्यापक समीक्षा कर रहा है।
मंत्रालय ने एक सार्वजनिक सूचना में कहा ‘‘इन संशोधनों का उद्देश्य कंपनियों के गठन की प्रक्रिया को सुव्यवस्थित करना, हितधारकों पर अनुपालन का बोझ कम करना और व्यापार सुगमता को बढ़ावा देने के लक्ष्य को आगे बढ़ाना है।’’
इस पर संबंधित पक्षों से नौ मई तक सुझाव मांगे गये हैं।
भाषा योगेश रमण
रमण

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