Amit Shah Parliament Speech: ‘सभी राज्यों का संसद पर बराबर हक़’, गृह मंत्री शाह ने सदन में क्यों कही ये बात? जानें यहां

Amit Shah Parliament Speech: लोकसभा में देश के गृहमंत्री अमित शाह सदन में पेश किए गए तीनों बिलों को लेकर जवाब दे रहे हैं।

Amit Shah Parliament Speech: ‘सभी राज्यों का संसद पर बराबर हक़’, गृह मंत्री शाह ने सदन में क्यों कही ये बात? जानें यहां

Amit Shah Parliament Speech/Image Credit: IBC24.in

Modified Date: April 17, 2026 / 07:00 pm IST
Published Date: April 17, 2026 6:59 pm IST

Amit Shah Parliament Speech: नई दिल्लीः महिला आरक्षण बिल को लेकर बुलाए गए संसद के विशेष सत्र का आज दूसरा दिन है। लोकसभा में देश के गृहमंत्री अमित शाह जवाब दे रहे हैं। अपने भाषण के दौरान अमित शाह ने कहा कि, सबने बोला है कि, हम इसके पक्ष में है। हम स्वागत करते हैं मगर उसको बारिकी से देखें तो इंडी अलायंस के सभी सदस्यों ने अगर, मगर, किंतु, परंतु, का उपयोग करते साफ रूप से महिला आरक्षण का विरोध किया है। मैं साफ करना चाहता हूं कि ये विरोध केवल महिला आरक्षण का है। इम्पलीमेंटेशन का नहीं है। (Amit Shah Parliament Speech) मैं जब बोलता हूं तब मेरी जिम्मेदारी बनती है कि, मैं सदन को कन्वींस करूं कि महिला आरक्षण का विरोध है। तरीकों का विरोध नहीं है। इन 3 बिलों में इसका मकसद मैं स्पष्ट करना चाहता हूं। अमित शाह ने सदन में यह घोषणा की है कि आने वाला 2029 का चुनाव महिला आरक्षण के साथ होगा। सरकार ने जो तीन बिल पेश किए हैं, उनमें संविधान (131वां संशोधन) विधेयक, 2026, परिसीमन आयोग के गठन के लिए परिसीमन विधेयक 2026 और केंद्र शासित प्रदेश कानून (संशोधन विधेयक), 2026 शामिल हैं।

सभी राज्यों का सदन पर बराबर हक़

अपने भाषण के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने दक्षिण के राज्यों को लेकर चर्चा की। इस दौरान उन्होंने कहा कि, दक्षिण के राज्यों का भी सदन पर उतना ही हक़ है जितना उत्तर का है। उन्होंने आगे कहा कि, छोटे से यूटी लक्षदीप का भी सदन पर उतना ही हक है जितना बिहार का है। गृह मंत्री शाह ने कहा कि, यह टुकड़ों में नहीं देखना चाहिए, (Amit Shah Parliament Speech) उत्तर-दक्षिण का भेद नहीं होने देंगे। उन्होंने आगे कहा कि, हम जो शपथ लेते हैं वो पूरे भारत की शपथ होती है। उन्होंने विपक्ष के लोगों पर निशाना साधते हुए कहा कि, देश के अंदर विभाजन करके कोई सत्ता नहीं पा सकते और इस नैरेटिव में कोई भी कभी सफल नहीं हो पाएगा।

शाह बोले- हर सीट पर वोटर्स की संख्या अलग-अलग

Amit Shah Parliament Speech: अपने भाषण के दौरान गृह मंत्री शाह ने कहा कि, इन 3 बिलों में इसका मकसद मैं स्पष्ट करना चाहता हूं। पहला- महिला सशक्तिकरण करने वाले इस संविधान सुधार को लागू करके 2029 का चुनाव इसके आधार पर हो। ये पूरे सदन में 543 सदस्य हैं। किसी की सीट में वोटर्स की संख्या 49 लाख है किसी की 60 हजार है। कई ऐसे हैं जो 70 के दशक में फ्रीज हो गई हैं जहां सांसद वोटर्स को मुंह भी नहीं दिखा सकते। क्योंकि क्षेत्र इतना बडा हो गया है।

उन्होंने आगे कहा कि, क्या इस सदन में जो विरोध करते हैं, मुझे समझा सकते हैं कि जिस सांसद के क्षेत्र में (Amit Shah Parliament Speech) 49 लाख वोटर्स हो वो कैसे जिम्मेदारी निभाएगा। इसी को ध्यान में रखते हुए संविधान में समय समय पर परिसीमन का प्रावधान है।

मोदी सरकार की है परिसीमन की जिम्मेदारी

गृह मंत्री शाह ने कहा- परिसीमन के चलते जिस वर्ग यानी एससी और एसटी, जिसकी संख्या बढ़ती है , सीटें भी बढ़ती है। संतुलित समावेशी और व्यवहारिक लोकतांत्रिक ढांचा तैयार करने की जिम्मेदारी सरकार की है। अभी ये जिम्मेदारी मोदी सरकार की है। ये देश की जनता तय करती है। ये वंश, परंपरागत नहीं होती।

सदस्यों के कई सवाल, उनका जवाब दूंगा

Amit Shah Parliament Speech:  केंद्रीय गृह मंत्री शाह ने कहा- नए भूगोल, प्रशासनिक, और शहरीकरण, रोड, रास्ते और रेल केनक्टिवीटी के अलावा नए जिले का संज्ञान परिसीमन में लेना होता है। (Amit Shah Parliament Speech) क्योंकि सांसद की ड्यूटी की निर्वहन के लिए ये सब जरूरी होता है। कई सदस्यों ने अनेक आशंकाए व्यक्त कीं। कहा कि अभी क्यों लाए। मैं बताना चाहता हूं कि नारी शक्ति वंदन अधिनियिम में जिक्र है कि 2026 के बाद होने वाली जनगणनाके बाद जो चुनाव होगा, उसमें महिलाओं के लिए आरक्षण होगा।

इन्हे भी पढ़ें:-


लेखक के बारे में

I am a content writer at IBC24 and I have learned a lot here so far and I am learning many more things too. More than 3 years have passed since I started working here. My experience here has been very good.