सरकार की बढ़ते चालू खाते के घाटे पर नजर, उपायों पर मंथन जारी: गोयल

सरकार की बढ़ते चालू खाते के घाटे पर नजर, उपायों पर मंथन जारी: गोयल

सरकार की बढ़ते चालू खाते के घाटे पर नजर, उपायों पर मंथन जारी: गोयल
Modified Date: May 21, 2026 / 03:15 pm IST
Published Date: May 21, 2026 3:15 pm IST

(फाइल फोटो के साथ)

नयी दिल्ली, 21 मई (भाषा) वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने बृहस्पतिवार को कहा कि सरकार मौजूदा स्थिति पर नजर रखे हुए है और बढ़ते चालू खाते के घाटे (कैड) को नियंत्रित करने के लिए कई उपायों पर विचार किया जा रहा है।

भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के दो मार्च को जारी आंकड़ों के अनुसार, भारत का चालू खाते का घाटा अक्टूबर-दिसंबर तिमाही में बढ़कर 13.2 अरब अमेरिकी डॉलर (जीडीपी का 1.3 प्रतिशत) हो गया, जो इससे पिछले वर्ष की समान अवधि में 11.3 अरब डॉलर था। इसका मुख्य वजह अमेरिका को निर्यात में गिरावट से बढ़ा व्यापार घाटा है।

अप्रैल-दिसंबर, 2025 के दौरान कैड घटकर 30.1 अरब डॉलर (जीडीपी का एक प्रतिशत) रह गया जो पिछले वर्ष की समान अवधि में 36.6 अरब डॉलर (1.3 प्रतिशत) था।

किसी देश का चालू खाते का घाटा तब बढ़ता है, जब एक निश्चित अवधि में आयातित वस्तुओं एवं सेवाओं तथा अन्य भुगतानों का कुल मूल्य, निर्यातित वस्तुओं एवं सेवाओं तथा अन्य प्राप्तियों के कुल मूल्य से अधिक हो जाता है।

गोयल ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘ हम स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। सरकार के सभी विभाग एक दल के रूप में काम कर रहे हैं। कई उपायों पर विचार किया जा रहा है। वैश्विक स्थिति काफी चुनौतीपूर्ण है लेकिन हमें विश्वास है कि हम इस चुनौतीपूर्ण समय में भी सफल होंगे।’’

रुपये में गिरावट के मद्देनजर कैड को नियंत्रित करने के लिए सरकार द्वारा उठाए जा सकने वाले अतिरिक्त कदमों के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने यह बात कही।

सोने और चांदी के बढ़ते आयात से व्यापार घाटा एवं चालू खाते का घाटा बढ़ रहा है।

सोने का आयात 2025-26 में 24 प्रतिशत बढ़कर रिकॉर्ड 71.98 अरब अमेरिकी डॉलर पर पहुंच गया। मात्रा के हिसाब से हालांकि यह 4.76 प्रतिशत घटकर 721.03 टन रह गया।

अप्रैल में सोने का आयात सालाना आधार पर 81.69 प्रतिशत बढ़कर 5.62 अरब डॉलर हो गया, जिसका कारण ऊंची कीमतें रहीं।

इसी तरह, चांदी का आयात वित्त वर्ष 2025-26 में करीब 150 प्रतिशत बढ़कर 12 अरब डॉलर हो गया। मात्रा के हिसाब से भी यह 2025-26 में 42 प्रतिशत बढ़कर 7,334.96 टन हो गया।

अप्रैल में इन कीमती धातुओं के आयात में वृद्धि से देश का व्यापार घाटा (आयात एवं निर्यात के बीच का अंतर) तीन महीने के उच्चस्तर 28.38 अरब डॉलर पर पहुंच गया।

राष्ट्रीय राजधानी में सोने की कीमत लगभग 10 ग्राम पर 1,56,000 रुपये (सभी कर सहित) के आसपास रहीं। चांदी की कीमत लगभग 2.53 लाख रुपये प्रति किलोग्राम थी।

भारतीय रुपये में तेज गिरावट नीति-निर्माताओं, निवेशकों और व्यवसायों के लिए एक बड़ा आर्थिक चेतावनी संकेतक बनकर उभरी है।

महंगे तेल, पूंजी निकासी, बढ़ते व्यापार घाटे और मजबूत अमेरिकी डॉलर के कारण रुपये पर दबाव है।

रुपये में वर्ष 2026 में अब तक करीब सात प्रतिशत तक की गिरावट आई है। ईरान संघर्ष शुरू होने के बाद से करीब 6.1 प्रतिशत कमजोर हुआ है।

भारत अपनी कच्चे तेल की जरूरतों का 88 प्रतिशत से अधिक आयात करता है। इसका मतलब है कि जब वैश्विक तेल कीमतें बढ़ती हैं तो डॉलर की मांग सीधे बढ़ जाती है क्योंकि भारतीय रिफाइनरियों को आयातित तेल के लिए अधिक डॉलर की आवश्यकता होती है।

ईरान संघर्ष और होर्मुज जलडमरूमध्य में बाधाओं के बाद तेल कीमतें बढ़ने से रुपये पर दबाव और बढ़ गया। जब कच्चे तेल की कीमतें बढ़ती हैं तो भारत का आयात बिल बढ़ता है, डॉलर की मांग बढ़ती है और व्यापार घाटा बढ़ता है। इससे रुपये पर लगातार दबाव बनता है।

विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (एफपीआई) की निकासी और वैश्विक तनाव व ऊंची अमेरिकी ब्याज दरों के कारण भी घरेलू मुद्रा पर दबाव पड़ रहा है।

घटती घरेलू मुद्रा से सरकार पर दबाव बढ़ता है क्योंकि विदेशी ऋण पर ब्याज भुगतान महंगा हो जाता है और वित्तीय संस्थानों के लिए विदेश से उधारी लेना भी अधिक महंगा हो जाता है।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पश्चिम एशिया संकट के बीच लोगों से सोना न खरीदने और विदेश यात्रा कम करने तथा पेट्रोल-डीजल की खपत घटाने की अपील की है ताकि देश की अर्थव्यवस्था मजबूत हो सके।

गोयल ने कहा, ‘‘ हमने भारत के सभी नागरिकों से अपील की है कि वे आयात पर निर्भर वस्तुओं पर अपने खर्च के प्रति अधिक सचेत रहें। मुझे लगता है कि यह स्वाभाविक है कि प्रधानमंत्री मोदी पर विश्वास करने वाले हर भारतीय ने इस बात को समझा है और अपने छोटे-बड़े हर प्रयास से देश की मदद कर रहा है।’’

भारत-जीसीसी (खाड़ी सहयोग परिषद) मुक्त व्यापार समझौते पर उन्होंने कहा कि वार्ता का पहला दौर 2026 की दूसरी छमाही में होगा।

भाषा निहारिका अजय

अजय


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