National Parasitic Front NPF : कांग्रेस vs बीजेपी अब बीती बात, शुरू हुआ नेशनल पैरासिटिक फ्रंट vs कॉकरोच पार्टी का दौर, घोषणापत्र में वादे देख पीट लेंगे सिर

सोशल मीडिया पर अब एक नई मीम-आधारित राजनीतिक पार्टी ‘National Parasitic Front’ (NPF) ने एंट्री कर ली है, जो व्यंग्य और पैरोडी के जरिए मौजूदा राजनीतिक व्यवस्था पर तंज कस रही है। यह पार्टी Gen Z और युवाओं को आकर्षित करने के लिए अजीबोगरीब घोषणापत्र और मजेदार वादे पेश कर रही है, जो इंटरनेट पर तेजी से वायरल हो रहे हैं।

National Parasitic Front NPF : कांग्रेस vs बीजेपी अब बीती बात, शुरू हुआ नेशनल पैरासिटिक फ्रंट vs कॉकरोच पार्टी का दौर, घोषणापत्र में वादे देख पीट लेंगे सिर

National Parasitic Front NPF / Image Source : X

Modified Date: May 21, 2026 / 01:32 pm IST
Published Date: May 21, 2026 1:32 pm IST
HIGHLIGHTS
  • सोशल मीडिया पर मीम-आधारित राजनीतिक पार्टी NPF की एंट्री
  • “चिपकेंगे नहीं बदलेंगे” जैसे व्यंग्यात्मक नारे
  • युवाओं के लिए सरकारी मैचमेकिंग और इमोशनल मुआवजे जैसे वादे

नई दिल्ली : National Parasitic Front NPF सोशल मीडिया पर इन दिनों व्यंग्य और मीम्स पर आधारित राजनीतिक पार्टियों का क्रेज तेजी से बढ़ रहा है। हाल ही में इंटरनेट पर 10 लाख से ज्यादा फॉलोअर्स बटोरने वाली ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) को टक्कर देने के लिए अब एक नई मजाकिया पार्टी ‘नेशनल पैरासिटिक फ्रंट’ (NPF) की एंट्री हो गई है।

‘चिपकेंगे नहीं बदलेंगे यही का नारा’

चिपकेंगे नहीं बदलेंगे यही के नारे के साथ उतरी यह पार्टी चुनाव तो नहीं लड़ेगी, लेकिन सोशल मीडिया कैंपेन और पैरोडी घोषणापत्रों के जरिए युवाओं की बेरोजगारी और मौजूदा राजनीतिक संस्कृति पर जमकर तंज कस रही है। Cockroach Janta Party CJP  दिलचस्प बात यह है कि CJP और NPF दोनों ही पार्टियों के नाम सुप्रीम कोर्ट के जज सूर्यकांत के उस बयान से प्रेरित हैं, जिसमें उन्होंने बेरोजगार युवाओं को ‘पैरासिटिक’ और ‘कॉकरोच’ कहा था।

सरकारी मैचमेकिंग योजना और सीटुएशनशिप सुलझाने कावादा

नेशनल पैरासिटिक फ्रंट (NPF) ने अपने घोषणापत्र में युवाओं और Gen Z को लुभाने वाले बेहद अजीबोगरीब और मजेदार वादे किए हैं। पार्टी का वादा है कि 18 साल से ऊपर के युवाओं के लिए सरकारी मैचमेकिंग योजना लाई जाएगी, जिससे सबको गर्लफ्रेंड-बॉयफ्रेंड मिल सकें। यही नहीं, 90 दिनों के भीतर सिचुएशनशिप के मामलों को सुलझाने और प्यार में धोखा मिलने पर सीधे यूपीआई (UPI) खाते में 4,999 का ‘इमोशनल मुआवजा’ देने की बात कही गई है।

रिज मंत्रालय की घोषणा

इसके अलावा, बंबल ऐप पर 4.2 रेटिंग वाले नेताओं के लिए एक अलग रिज मंत्रालय बनाने, ट्रेन लेट होने पर चाय-बिस्कुट का मुआवजा देने और सड़कों के गड्ढों का नाम स्थानीय पार्षदों के नाम पर Google Maps पर दर्ज करने जैसे मजेदार पॉइंट शामिल हैं।सिर्फ मजाक ही नहीं, इस फ्रंट ने अपने घोषणापत्र में देश के गंभीर मुद्दों पर भी कड़ा कटाक्ष किया है।

चुनाव लड़ने के लिए 12वीं पास होना अनिवार्य

पार्टी ने वादा किया है कि बलात्कार और हत्या जैसे गंभीर मामलों में चार्जशीटेड लोगों के चुनाव लड़ने पर पूरी तरह रोक होगी और दोषी नेताओं पर जीवनभर का प्रतिबंध लगेगा। साथ ही, चुनाव लड़ने के लिए न्यूनतम योग्यता 12वीं पास तय करने और संसद सत्र के दौरान सोने वाले सांसदों का माइक फुल वॉल्यूम पर ऑन करने जैसे नियम भी शामिल हैं। फिलहाल, अखिलेश यादव और महुआ मोइत्रा जैसे बड़े राजनेताओं के समर्थन के बाद यह मीम-आधारित राजनीतिक लड़ाई सोशल मीडिया पर लोगों का खूब मनोरंजन कर रही है।

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लेखक के बारे में

I’m Sneha Singh, a journalist and storyteller committed to ethical, ground-level, and impact-oriented reporting. A Gold Medalist in Journalism And Mass Communication, I believe in telling stories with accuracy, sensitivity, and purpose. Currently working with IBC24, I specialize in content writing, news production, and modern storytelling bridging facts with human experiences to inform, engage, and inspire audiences..