बढ़ते चालू खाता घाटे पर सरकार की नजर, उपायों पर मंथन जारी: गोयल
बढ़ते चालू खाता घाटे पर सरकार की नजर, उपायों पर मंथन जारी: गोयल
(फाइल फोटो के साथ)
नयी दिल्ली, 21 मई (भाषा) वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने बृहस्पतिवार को कहा कि सरकार मौजूदा स्थिति पर नजर रखे हुए है और बढ़ते चालू खाता घाटे (सीएडी) को नियंत्रित करने के लिए कई उपायों पर विचार किया जा रहा है।
भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के दो मार्च को जारी आंकड़ों के अनुसार, भारत का सीएडी अक्टूबर-दिसंबर तिमाही में बढ़कर 13.2 अरब अमेरिकी डॉलर (जीडीपी का 1.3 प्रतिशत) हो गया, जो उससे पिछले वर्ष की समान अवधि में 11.3 अरब डॉलर था। इसका मुख्य वजह अमेरिका को निर्यात में गिरावट से बढ़ा व्यापार घाटा है।
अप्रैल-दिसंबर 2025 के दौरान सीएडी घटकर 30.1 अरब डॉलर (जीडीपी का एक प्रतिशत) रह गया जो पिछले वर्ष की समान अवधि में 36.6 अरब डॉलर (1.3 प्रतिशत) था।
किसी देश में चालू खाता घाटा तब बढ़ता है, जब एक निश्चित अवधि में आयातित वस्तुओं एवं सेवाओं तथा अन्य भुगतानों का कुल मूल्य, निर्यातित वस्तुओं एवं सेवाओं तथा अन्य प्राप्तियों के कुल मूल्य से अधिक हो जाता है।
गोयल ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘ हम स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। सरकार के सभी विभाग एक दल के रूप में काम कर रहे हैं। कई उपायों पर विचार किया जा रहा है। वैश्विक स्थिति काफी चुनौतीपूर्ण है लेकिन हमें विश्वास है कि हम इस चुनौतीपूर्ण समय में भी सफल होंगे।’’
रुपये में गिरावट के मद्देनजर सीएडी को नियंत्रित करने के लिए सरकार द्वारा उठाए जा सकने वाले अतिरिक्त कदमों के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने यह बात कही।
भाषा निहारिका
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