सरकार आर्थिक संकट से निपटने के बजाय झूठ का सहारा ले रही: यशवंत सिन्हा

सरकार आर्थिक संकट से निपटने के बजाय झूठ का सहारा ले रही: यशवंत सिन्हा

सरकार आर्थिक संकट से निपटने के बजाय झूठ का सहारा ले रही: यशवंत सिन्हा
Modified Date: June 13, 2026 / 08:39 pm IST
Published Date: June 13, 2026 8:39 pm IST

मुंबई, 13 जून (भाषा) पूर्व वित्त मंत्री यशवंत सिन्हा ने शनिवार को केंद्र सरकार पर देश के समक्ष मौजूद आर्थिक चुनौतियों का समाधान करने के बजाय झूठ और प्रचार का सहारा लेने का आरोप लगाया।

सिन्हा ने मुंबई स्थित महाराष्ट्र कांग्रेस मुख्यालय में अर्थव्यवस्था पर आयोजित एक कार्यक्रम में कहा कि सरकार अर्थव्यवस्था से जुड़े आंकड़े बढ़ा-चढ़ाकर पेश कर रही है।

उन्होंने दावा किया कि देश की मौजूदा आर्थिक समस्याएं ईरान-इजराइल संघर्ष जैसी बाहरी घटनाओं की नहीं, बल्कि पिछले 10-12 वर्षों की नीतियों की देन हैं।

उन्होंने कहा कि भारत की वृद्धि दर को लेकर उठ रहे सवालों की अनदेखी की जा रही है क्योंकि प्रचार के शोर में सच्चाई दबती जा रही है।

सिन्हा ने दावा किया कि अंतरराष्ट्रीय मुद्राकोष (आईएमएफ) ने भारत के राष्ट्रीय आय आंकड़ों की गणना पद्धति में लगातार खामियों की तरफ ध्यान दिलाया है और इस मुद्दे पर व्यापक सार्वजनिक चर्चा की जरूरत है।

पूर्व वित्त मंत्री ने कहा कि पिछले एक दशक में भारत की पूंजी निर्माण दर जीडीपी के 32-33 प्रतिशत के आसपास ही स्थिर रही है और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अगुवाई वाली सरकार द्वारा पेश 7.7 प्रतिशत की वृद्धि दर के आंकड़े ‘गलत’ हैं।

उन्होंने कहा, “मोदी को जाना चाहिए, जितना जल्द हो सके उतना ही बेहतर है।”

पूर्व भाजपा नेता ने ‘विकसित भारत 2047’ के लक्ष्य की आलोचना करते हुए कहा कि इसकी समयसीमा इतनी दूर रखी गई है कि इसके पूरा होने पर जवाब मांगने के लिए ‘न हम रहेंगे और न वे रहेंगे।’

सिन्हा ने 2016 में की गई नोटबंदी की भी आलोचना करते हुए कहा कि उसके घोषित उद्देश्यों में से कोई भी पूरा नहीं हुआ और इसके बाद देश की आर्थिक वृद्धि दर में गिरावट आई।

उन्होंने कहा कि देश की आर्थिक चुनौतियां पिछले एक दशक में गहराए संकट का परिणाम हैं। साथ ही, अल नीनो के प्रभाव और उर्वरकों की संभावित कमी के कारण ग्रामीण क्षेत्रों की परेशानियां बढ़ने की आशंका भी जताई।

भाषा योगेश प्रेम

प्रेम


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