गोयल का उद्यम पूंजी कोषों, कंपनियों से भारत में निवेश जल्द शुरू करने का आह्वान

गोयल का उद्यम पूंजी कोषों, कंपनियों से भारत में निवेश जल्द शुरू करने का आह्वान

गोयल का उद्यम पूंजी कोषों, कंपनियों से भारत में निवेश जल्द शुरू करने का आह्वान
Modified Date: June 16, 2026 / 06:42 pm IST
Published Date: June 16, 2026 6:42 pm IST

नयी दिल्ली, 16 जून (भाषा) वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने मंगलवार को निवेशकों, कंपनियों और उद्यम पूंजी (वीसी) कोषों से कहा कि वे अब सक्रियता के साथ भारत में निवेश शुरू करें और इसमें अधिक विलंब न करें।

गोयल ने फ्रांस के नीस में आयोजित कार्यक्रम ‘भारत इनोवेट्स 2026’ के समापन समारोह में कहा कि भारत का निवेश परिवेश तैयार है, घरेलू बाजार विशाल है और सरकार निवेशकों को बाजार अवसरों से जोड़ने में मदद करेगी, जबकि एक सहयोगी नीतिगत ढांचा पहले से मौजूद है।

उन्होंने कहा, “निवेशकों और उद्यम पूंजी कोषों के लिए यही समय है, अब आगे आएं और निवेश शुरू करें। भारतीय पारिवारिक कार्यालय, वीसी कोष, निवेशक और कंपनियां, सभी को सक्रिय होना होगा। इसके लिए जरूरी परिवेश तैयार है, स्टार्टअप बेहतरीन काम कर रहे हैं और भारत में कई सफल मॉडल मौजूद हैं।”

गोयल ने घरेलू उद्योग से भी विनिर्माण क्षेत्र में स्टार्टअप फर्मों के साथ साझेदारी कर उन्हें बढ़ावा देने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि इससे भारत उद्योगों के लिए ‘लॉन्च पैड’ बनेगा और वैश्विक बाजार उनका लक्ष्य होगा।

गोयल ने शोधकर्ताओं, अकादमिक संस्थानों और उच्च शिक्षण संस्थानों से संयुक्त रूप से शोध एवं विकास (आरएंडडी) कार्यक्रम चलाने का आह्वान करते हुए कहा कि इससे वैज्ञानिक खोज एवं नवाचार को बाजार तक पहुंचाने में लगने वाला समय कम होगा।

उन्होंने कहा कि सरकार स्टार्टअप पारिस्थितिकी को बढ़ावा देने के लिए कई कदम उठा चुकी है, जिसमें स्टार्टअप कार्य योजना भी शामिल है।

उन्होंने कहा कि 10,000 करोड़ रुपये के ‘कोषों का कोष’ योजना की दूसरी किस्त का अधिकांश हिस्सा गहन-प्रौद्योगिकी नवाचार के लिए प्रतिबद्ध किया जा रहा है।

वाणिज्य मंत्री ने घरेलू उद्योगों से हाल के वर्षों में भारत द्वारा किए गए मुक्त व्यापार समझौतों (एफटीए) का लाभ उठाने का भी आग्रह किया।

इसके अलावा, उन्होंने कारोबारी सुगमता को बेहतर बनाने और विदेशों में काम कर रहे भारतीय स्टार्टअप को देश में वापस लाने के उपायों पर सुझाव भी मांगे।

भाषा प्रेम

प्रेम अजय

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