ग्रीनप्लाई ने हरित परिवहन के लिए ग्रीनलाइन के साथ की साझेदारी, एलएनजी चालित ट्रक का होगा उपयोग

Ads

ग्रीनप्लाई ने हरित परिवहन के लिए ग्रीनलाइन के साथ की साझेदारी, एलएनजी चालित ट्रक का होगा उपयोग

  •  
  • Publish Date - September 9, 2026 / 04:13 PM IST,
    Updated On - September 9, 2026 / 04:13 PM IST

नयी दिल्ली, नौ सितंबर (भाषा) प्लाईवुड समेत लकड़ी के सामान बनाने वाली ग्रीनप्लाई इंडस्ट्रीज लि. ने बुधवार को देश में माल परिवहन को अधिक पर्यावरण अनुकूल बनाने के लिए ग्रीनलाइन मोबिलिटी सॉल्यूशंस लि. के साथ साझेदारी की घोषणा की। इसके तहत ग्रीनप्लाई अपने तैयार उत्पादों की ढुलाई के लिए एलएनजी से चलने वाले ट्रक का इस्तेमाल करेगी।

दोनों कंपनियों ने संयुक्त बयान में कहा कि भागीदारी की शुरुआत गुजरात के वडोदरा स्थित ग्रीनप्लाई के विनिर्माण संयंत्र से ग्रीनलाइन के एलएनजी चालित ट्रकों को रवाना करके की गई। इन ट्रक के जरिये कंपनी के वडोदरा संयंत्र से विभिन्न स्थानों पर वितरण नेटवर्क तक उत्पाद पहुंचाए जाएंगे।

कंपनी के अनुसार, इस पहल से उसके माल परिवहन में कम प्रदूषण वाले ईंधन को शामिल करने में मदद मिलेगी।

यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है, जब भारत के वाणिज्यिक परिवहन क्षेत्र में वैकल्पिक ईंधन का महत्व बढ़ रहा है। एलएनजी से चलने वाले वाहन सामान्य डीजल गाड़ियों की तुलना में कम प्रदूषण फैलाने वाले विकल्प हो सकते हैं।

एस्सार की इकाई ग्रीनलाइन का दावा है कि उसके एलएनजी ट्रक कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन में 40 प्रतिशत तक, सल्फर ऑक्साइड में 100 प्रतिशत तक, नाइट्रोजन ऑक्साइड में 59 प्रतिशत तक और सूक्ष्म कणों के उत्सर्जन में 91 प्रतिशत तक कमी ला सकते हैं।

ग्रीनप्लाई इंडस्ट्रीज के संयुक्त प्रबंध निदेशक सानिध्य मित्तल ने कहा, ‘‘हमारे लिए पर्यावरण संरक्षण केवल विनिर्माण संयंत्र तक सीमित नहीं है, बल्कि उत्पादों और सामग्रियों की पूरी आपूर्ति श्रृंखला में इसका ध्यान रखना जरूरी है। वडोदरा संयंत्र में एलएनजी चालित ट्रक की शुरुआत कंपनी के माल परिवहन में अधिक जिम्मेदार परिवहन साधनों को अपनाने की दिशा में पहला कदम है।’’

ग्रीनलाइन मोबिलिटी सॉल्यूशंस के मुख्य कार्यपालक अधिकारी मधुर तनेजा ने कहा, ‘‘कम प्रदूषण वाले माल परिवहन की ओर बदलाव के लिए ऐसे व्यावहारिक समाधानों की जरूरत है, जिन्हें मौजूदा आपूर्ति व्यवस्था में शामिल किया जा सके और साथ ही कामकाज की क्षमता भी बनी रहे।’’

ग्रीनलाइन के पास एलएनजी और बिजली से चलने वाले 1,000 से अधिक भारी वाणिज्यिक वाहन हैं।

भाषा

रमण प्रेम अजय

अजय