मूंगफली तेल-तिलहन और सोयाबीन तिलहन में गिरावट, सोयाबीन तेल में सुधार, बाकी पूर्ववत

मूंगफली तेल-तिलहन और सोयाबीन तिलहन में गिरावट, सोयाबीन तेल में सुधार, बाकी पूर्ववत

मूंगफली तेल-तिलहन और सोयाबीन तिलहन में गिरावट, सोयाबीन तेल में सुधार, बाकी पूर्ववत
Modified Date: March 13, 2026 / 09:12 pm IST
Published Date: March 13, 2026 9:12 pm IST

नयी दिल्ली, 13 मार्च (भाषा) सरकार की ओर से महाराष्ट्र में सोयाबीन की बिकवाली और गुजरात में न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) से नीचे दाम पर मूंगफली की बिकवाली किये जाने के कारण देश के तेल-तिलहन बाजार में शुक्रवार को मूंगफली तेल-तिलहन और सोयाबीन तिलहन के दाम में गिरावट आई जबकि डॉलर के मुकाबले रुपया कमजोर होने से सोयाबीन तेल के दाम में सुधार आया। सामान्य कामकाज के बीच सरसों तेल-तिलहन, पाम एवं पामोलीन तथा बिनौला तेल कीमतें स्थिर बनी रहीं।

मलेशिया एक्सचेंज दोपहर साढ़े तीन बजे सुधार के साथ बंद हुआ जबकि शिकॉगो एक्सचेंज कल रात सुधार के साथ बंद हुआ था और अभी यहां घट-बढ़ जारी है।

बाजार सूत्रों ने कहा कि महाराष्ट्र में सरकार की ओर से सहकारी संस्थायें सोयाबीन की बिक्री कर रही है जो सोयाबीन तिलहन में गिरावट का मुख्य कारण है। गुजरात में भी सरकार की ओर से मूंगफली तेल-तिलहन की बिकवाली की जा रही है जिससे इनके भी दाम में गिरावट रही।

उन्होंने कहा कि सरकार को इस बिकवाली से बचना बेहतर होगा क्योंकि खाद्यतेल संगठन, सोपा के आंकड़ों के अनुसार, सोयाबीन का पिछले साल के मुकाबले कम स्टॉक बचा है जो बाजार में अप्रत्याशित उतार-चढ़ाव के समय स्थिति को काबू में रखने के लिए उपयोग में लाया जा सकता है। लेकिन मौजूदा बिकवाली कारोबारी धारणा को प्रभावित कर रही है और इससे बिजाई भी प्रभावित हो सकता है। इसे रोकने पर आगे किसानों को अच्छे दाम भी मिल सकते हैं।

सूत्रों ने कहा कि पिछले साल यानी 25 फरवरी, 2025 में सोयाबीन का कुल स्टॉक लगभग 68 लाख टन का था जो वक्त घटकर 58.41 लाख टन ही बचा है।

उन्होंने कहा कि इसी तरह सरकार की ओर से गुजरात में मूंगफली की बिक्री एमएसपी से नीचे दाम पर हो रही है जो मूंगफली तेल तिलहन में गिरावट का कारण है।

सूत्रों ने कहा कि बृहस्पतिवार रात शिकागो एक्सचेंज मजबूत बंद होने तथा डॉलर के मुकाबले रुपये में गिरावट के कारण आयात मंहगा होने से सोयाबीन तेल के दाम में सुधार आया।

सामान्य कामकाज के बीच सरसों तेल-तिलहन, पाम-पामोलीन और बिनौला तेल के दाम स्थिर रहे।

तेल-तिलहनों के भाव इस प्रकार रहे:

सरसों तिलहन – 6,750-6,775 रुपये प्रति क्विंटल।

मूंगफली – 7,000-7,475 रुपये प्रति क्विंटल।

मूंगफली तेल मिल डिलिवरी (गुजरात) – 16,900 रुपये प्रति क्विंटल।

मूंगफली रिफाइंड तेल – 2,680-2,980 रुपये प्रति टिन।

सरसों तेल दादरी- 14,000 रुपये प्रति क्विंटल।

सरसों पक्की घानी- 2,360-2,460 रुपये प्रति टिन।

सरसों कच्ची घानी- 2,360-2,505 रुपये प्रति टिन।

सोयाबीन तेल मिल डिलिवरी दिल्ली- 15,225 रुपये प्रति क्विंटल।

सोयाबीन मिल डिलिवरी इंदौर- 14,870 रुपये प्रति क्विंटल।

सोयाबीन तेल डीगम, कांडला- 11,925 रुपये प्रति क्विंटल।

सीपीओ एक्स-कांडला- 13,025 रुपये प्रति क्विंटल।

बिनौला मिल डिलिवरी (हरियाणा)- 14,000 रुपये प्रति क्विंटल।

पामोलिन आरबीडी, दिल्ली- 14,700 रुपये प्रति क्विंटल।

पामोलिन एक्स- कांडला- 13,650 रुपये (बिना जीएसटी के) प्रति क्विंटल।

सोयाबीन दाना – 5,650-5,700 रुपये प्रति क्विंटल।

सोयाबीन लूज- 5,250-5,300 रुपये प्रति क्विंटल।

भाषा राजेश राजेश पाण्डेय

पाण्डेय


लेखक के बारे में